रघुराज/रायपुर –
सतनामी समाज के आराध्य संत बाबा घासीदास जी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार की शाम खमतराई में समाज के हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा खामतराई सतनामी भवन से आरंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई श्रद्धा, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश फैलाती चली गई। इस अवसर पर समाज के गुरु श्री सुन्दर लहरे जी का नगर निगम जोन क्रमांक 1 के अध्यक्ष एवं वीर शिवाजी वार्ड के पार्षद श्री गज्जू साहू जी, पूर्व पार्षद श्रीमती गोदावरी गज्जू साहू जी, पार्षद प्रतिनिधि श्री भाऊ सिंह ठाकुर जी तथा अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने गरिमापूर्ण स्वागत किया।
भोर से ही समाज के लोग पारंपरिक पोशाकों में सजधजकर सतनामी भवन पहुँचने लगे थे। बाबा घासीदास जी की प्रतिमा को खूबसूरती से सुसज्जित रथ पर स्थापित किया गया था। जैसे ही यात्रा की शुरुआत हुई, पूरे क्षेत्र में “सतनाम संता बेरा” के नारे गूंज उठे। महिलाएँ सिर पर कलश लेकर श्रद्धा भाव से चल रही थीं, वहीं युवाओं की टोली ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए उत्सव का रंग बिखेर रही थी।
गुरु श्री सुन्दर लहरे जी ने अपने प्रवचन में कहा कि “बाबा घासीदास जी ने समाज को सत्य, समानता और मानवता का मार्ग दिखाया। हमें उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज में एकता, शिक्षा और सेवा की भावना को बढ़ाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी अगर बाबा जी की वाणी को आत्मसात कर ले, तो समाज नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
रथयात्रा में बच्चों और युवाओं ने अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन किया। डंडे, तलवार और लाठी के अभ्यास के करतब देखकर दर्शकों ने ऊँची तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। कई बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्यों के माध्यम से बाबा घासीदास जी की शिक्षाओं और समाज सुधार के संदेशों को अभिनव रूप में प्रस्तुत किया।
यात्रा के दौरान खामतराई क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कुछ स्थानों पर यातायात बाधित हो गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और यातायात विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भीड़ को व्यवस्थित किया और जाम की स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ और अनुशासित रही, जिसके लिए समाजजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा स्वागत मंच लगाए गए थे, जहाँ पुष्पवर्षा और जलपान की व्यवस्था की गई। समाज के सभी वर्गों की सक्रिएता ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
इस अवसर पर पार्षद श्री गज्जू साहू जी ने कहा, “हर वर्ष हमारी ओर से समाज के गुरु जी और शोभायात्रा का इसी तरह पूरे मन से स्वागत किया जाता है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम बाबा घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने का संदेश समाज तक पहुँचा रहे हैं। उनका आदर्श जीवन हमें सिखाता है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।”
पूर्व पार्षद श्रीमती गोदावरी गज्जू साहू जी ने भी महिला समाज के योगदान की सराहना की और कहा कि समाज की उन्नति में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
शोभायात्रा के समापन पर सतनामी भवन में सामूहिक आरती, सतनाम जाप और गुरु वंदना की गई। समाज के गुरुवर श्री सुन्दर लहरे जी ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बाबा घासीदास जी का संदेश हर हृदय में बसना चाहिए, ताकि प्रेम, समानता और करुणा का दीप सदैव प्रज्वलित रहे।
पूरा कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित, भक्ति और आनंद से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। खामतराई का हर मार्ग श्रद्धा से भरा नज़र आ रहा था, और शाम तक समाजजनों में इस आयोजन की चर्चा रही। इस भव्य शोभायात्रा ने यह साबित कर दिया कि बाबा घासीदास जी की शिक्षाएँ आज भी समाज को जोड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।









