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कच्चे छप्पर से पक्के आशियाने तक: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने बदली हरप्रसाद की ज़िंदगी

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जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेंद्र जयसवाल

सुरक्षित छत के साथ मिला सम्मानजनक जीवन

जिला जांजगीर-चांपा ।
ग्रामीण भारत में आज भी ऐसे असंख्य परिवार हैं, जिनके लिए पक्का मकान केवल एक सपना होता है। आर्थिक अभाव, सीमित आय और रोज़मर्रा की ज़रूरतों के बीच घर बनाना उनके लिए असंभव-सा लगता है। जिले के विकासखंड अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बनाहिल निवासी श्री हरप्रसाद की कहानी भी कुछ ऐसी ही थी, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उनके जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल दी।

कच्चे घर में बीतता असुरक्षित जीवन
श्री हरप्रसाद वर्षों तक खपरे और टीन की छत से बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात का मौसम आते ही उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ जाती थीं। टपकती छत, भीगता अनाज और बच्चों की सुरक्षा की चिंता हर दिन उनके मन को कचोटती थी। सीमित आय के कारण न तो वे नए घर का सपना पूरा कर पा रहे थे और न ही पुराने छप्पर की मरम्मत कर पाना संभव था। यह स्थिति केवल भौतिक असुविधा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न थी।

योजना बनी आशा की किरण
ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण उनके लिए वरदान साबित हुई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनका आवास स्वीकृत हुआ और 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खाते में प्राप्त हुई। यह राशि केवल निर्माण सामग्री तक सीमित नहीं थी, बल्कि वर्षों से संजोए गए सपनों की मजबूत नींव थी। योजना की पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध सहायता ने श्री हरप्रसाद को आत्मनिर्भर बनाते हुए अपने पक्के घर का निर्माण पूरा करने का अवसर दिया, जो वर्ष 2025-26 में साकार हुआ।

पक्के घर के साथ बदली ज़िंदगी
आज श्री हरप्रसाद अपने परिवार के साथ पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक घर में रह रहे हैं। अब न तो बारिश का डर सताता है और न ही असुरक्षा की चिंता। पक्के आशियाने ने उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास का संचार किया है। यह घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद है।

समग्र विकास की मिसाल
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ श्री हरप्रसाद को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिला। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी ने उनकी आय को सहारा दिया। उज्ज्वला योजना से एल.पी.जी. गैस कनेक्शन मिलने पर रसोई धुएं से मुक्त हुई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जलवाहित शौचालय ने स्वच्छता और स्वास्थ्य को नई दिशा दी। इन योजनाओं के समन्वित प्रभाव से उनका जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुआ है।

सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक
श्री हरप्रसाद कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल मकान बनाने की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करती है। उनका मानना है कि इस योजना ने उन्हें समाज में आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है। वे शासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना मुझ जैसे लाखों जरूरतमंदों के सपनों को साकार कर रही है।

प्रेरणा बनती एक कहानी
श्री हरप्रसाद की कहानी यह दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाएं सही पात्र तक पहुंचें, तो वे जीवन बदलने की ताकत रखती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ग्रामीण भारत में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही है। कच्चे छप्पर से पक्के आशियाने तक का यह सफर केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक सशक्त होते भारत की कहानी है।

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