सुकमा-
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति की दिशा में एक अहम कदम सामने आया है। पिछले कई वर्षों से सुकमा जिले के केरलापाल और दोरनापाल इलाके में सक्रिय रहे 22 माओवादियों ने ओडिशा के मलकानगिरी जिला मुख्यालय में पुलिस प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल ₹1 करोड़ 84 लाख का इनाम घोषित था।
मंगलवार को हुए इस आत्मसमर्पण कार्यक्रम में ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया और एडीजी (नक्सल) संजीप पंडा मौजूद रहे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों का फूलों से स्वागत किया गया और उन्हें शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति का लाभ देने की घोषणा की गई।
AK-47 सहित हथियारों का जखीरा सौंपा
सरेंडर के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा बलों को AK-47, INSAS राइफल, SLR सहित कुल 9 हथियार, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री सौंप दी। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे नक्सल विरोधी अभियानों की बड़ी उपलब्धि बताया है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
ये माओवादी हुए मुख्यधारा में शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के विभिन्न स्तरों के कैडर शामिल हैं, जिनमें डीसीएम, एसीएम कमांडर, डिप्टी कमांडर, प्लाटून मेंबर और कंपनी सदस्य शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से सुकमा और सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे।
अधिकारियों का बयान
डीजीपी योगेश खुरानिया ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले सभी लोगों का स्वागत किया गया है। उन्होंने शेष माओवादियों से भी अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं।
प्रशासन के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, पुनर्वास और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।









