कांकेर जिले में आमाबेड़ा के गांव बड़े तेवड़ा में धर्मांतरित सरपंच के द्वारा पिता की मृत्यु उपरांत शव दफनाने को लेकर मसीह समाज के साथ मिलकर विवाद की स्थिति निर्मित करने के बाद ग्रामवासियों में जनजातीय परंपरा के पालन का आग्रह करने के बावजूद शांति व्यवस्था के नाम पर आदिवासी बंधुओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई को लेकर आक्रोशीत सर्व समाज ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया था। इसी तारतम्य में आज जिला मुख्यालय शक्ति में भी सर्व समाज के आग्रह पर छोटे_बड़े सभी व्यवसायियों ने प्रातः से दोपहर तक नगर बंद का समर्थन करते हुए अपनी प्रतिष्ठान बंद रखा। पश्चात सर्व समाज के वरिष्ठजनों तथा युवाओं की टोली से सभा स्थल कहचरी चौक शक्ति पहुंची।
आज जन आक्रोश सभा को संबोधित करते नगर संघ चालक के एस वर्मा ने कहा कि मसीही समाज के द्वारा आदिवासी समाज के साथ के किए गए कृत्य निंदनीय है फलस्वरूप दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई किया जावे। पुष्पेंद्र चंद्रा ने आक्रोशित अंदाज में मसीही समाज के द्वारा जारी धर्मांतरण के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की बात कही।
पंडित राजेंद्र शर्मा ने कहा कि हर सनातनी का दायित्व है कि आदिवासी समाज के कंधे से कंधा मिलाकर कर धर्मांतरण के खिलाफ कार्यवाही अपनी भूमिका सुनिश्चित करे।
धर्म जागरण मंच के गोविंद चंद्रा ने आदिवासी समाज के धर्म एवं आस्था पर मसीही समाज के हमले को अन्याय बताते हुए आदिवासियों को शीघ्र न्याय दिलाने की बात कही तथा धर्म सेना की बहन अंजू गबेल ने मसीही समाज के धर्मांतरण गतिविधियों का तीखा विरोध किया तथा अजय सराफ ने जनजातीय समाज के वर्तमान दुख में सर्व समाज के साथ खड़े होने की बात कही तो वहीं आक्रोश सभा का संचालन करते हुए हिंदू जागरण मंच के जिला प्रमुख एवं अधिवक्ता चितरंजय सिंह ने कहा कि आज जनजातीय समाज जब अपने धर्म एवं आस्था के विषयों को लेकर स्वयं एक्शन मोड पर है तो हम सर्व समाज के लोग भी उनके कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़े हों तो निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में कन्वर्जन पर नियंत्रण संभव है जिसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित धर्म स्वतंत्रता अधिनियम प्रदेश में अविलंब लागू किया जाय।
आज संघ और सर्व समाज से जुड़े सभी युवाओं की टोली नगर भ्रमण करते हुए मसीही समाज के धर्मांतरण गतिविधियों का विरोध और कांकेर में जनजातीय समाज के खिलाफ पुलिसिया कार्यवाही के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुये प्रातः से लोगों से बंद का समर्थन का आह्वान करते नजर आ रहे थे जिसे लोगों का भरपूर समर्थन मिला तथा साप्ताहिक बाजार का दिन बुधवार होने बावजूद लोगों ने सुबह से दोपहर तक व्यवसाय बंद रखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रति आवाज बुलंद किया।
आक्रोश सभा के बाद शासन के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार जागृति को ज्ञापन देकर मांग रखा कि जनजाति आस्था, सामाजिक समरसता और जनजातीय परंपराओं का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्यवाही कर जनजातीय समाज के कानूनी अधिकारों का अविलंब संरक्षण किया जावे अन्यथा सर्व समाज लोकतांत्रिक स्वरूप में आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। आज मुख्यमंत्री को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित पांच सूत्रीय ज्ञापन में सर्व समाज ने जनजातीय समाज की परंपरा, आस्था के संरक्षण के साथ कांकेर के दोषी व्यक्तियों के खिलाफ अविलंब कार्यवाही का आग्रह किया है इन पलों में जिला संघ चालक दुकालू सिंह राज, जिला कार्यवाह अमर दास मानिकपुरी के अलावा जिला के विभिन्न क्षेत्रों से आए आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारी, स्वयं सेवक, सर्व समाज के प्रतिनिधि के साथ ही नारी शक्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही।









