रघुराज/रायपुर –
छत्तीसगढ़ बंद के आह्वान के दौरान राजधानी रायपुर में बुधवार को कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। सबसे बड़ा घटनाक्रम शहर के प्रसिद्ध मैग्नेटो मॉल में देखने को मिला, जहाँ कुछ प्रदर्शनकारियों ने अचानक पहुंचकर तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और मॉल में मौजूद आम लोग व कर्मचारी सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
बताया जा रहा है कि बंद समर्थक दोपहर करीब 1 बजे के आसपास बाजार क्षेत्र से होते हुए मॉल परिसर की ओर आए। शुरुआत में वे शांतिपूर्वक नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने मॉल के बाहर खड़ी कुछ गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और मुख्य प्रवेश द्वार पर मौजूद सामानों को भी नुकसान पहुंचाया। अचानक हुई इस घटना से सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और मॉल की सुरक्षा बढ़ा दी। रायपुर एसपी संकेत अग्रवाल ने बताया कि घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मॉल में मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों को करीब आधे घंटे तक अंदर ही रोक दिया गया जब तक पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में नहीं ली। कई लोग इस दौरान भयभीत नजर आए। कुछ दुकानदारों ने कहा कि मॉल में हुई हलचल के कारण ग्राहकों को काफी परेशानी हुई और उन्हें अपनी दुकानें समय से पहले बंद करनी पड़ीं।
छत्तीसगढ़ बंद का असर रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और कोरबा जैसे शहरों में भी देखने को मिला। कई स्थानों पर बाजार, स्कूल और कार्यालय बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी बंद का असर पड़ा, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
बंद का आयोजन राज्य की कुछ राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर किया गया था, जिनमें बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। बंद समर्थकों का कहना था कि यह जनआंदोलन शांतिपूर्ण रूप से अपनी बात सरकार तक पहुँचाने का प्रयास था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया।
शाम तक रायपुर के अधिकांश इलाकों में स्थिति सामान्य हो गई थी, हालांकि पुलिस ने रात तक गश्त बढ़ा दी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि विरोध प्रदर्शन किस सीमा तक जायज़ हैं और कब वे आम जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाते हैं। फिलहाल पुलिस ने मॉल में नुकसान की भरपाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मॉल प्रबंधन से बातचीत शुरू कर दी है।









