जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा |
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय ने आज सिवनी (नैला), बोड़सरा, जावलपुर एवं बलौदा स्थित धान खरीदी केंद्रों का संयुक्त औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।
बोड़सरा केंद्र में गंभीर अनियमितता उजागर
निरीक्षण के दौरान बोड़सरा धान खरीदी केंद्र में लगभग 95 बोरी अवैध धान पाया गया, जो न तो टोकन प्रणाली में दर्ज था और न ही पीवी ऐप अथवा अन्य अभिलेखों में इसकी कोई एंट्री मौजूद नहीं थी। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए मौके पर ही धान जब्त कर लिया गया।
कलेक्टर ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि—
“धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप किसानों से ईमानदारी से धान खरीदी सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।”

प्रबंधक हटाने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने बोड़सरा समिति प्रबंधक एवं प्रभारी को तत्काल हटाने के निर्देश सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दिए। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासन अब शून्य सहनशीलता नीति के साथ कार्य कर रहा है।
पीवी ऐप पर सख्ती, साप्ताहिक सत्यापन अनिवार्य
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
अपने-अपने उपार्जन केंद्रों में साप्ताहिक पीवी (Physical Verification) अनिवार्य रूप से पूरा करें
पीवी ऐप में पूरी सावधानी और गंभीरता से प्रविष्टियां दर्ज करें
सत्यापन रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें
साथ ही धान की स्टैकिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
किसानों की सुविधाओं पर विशेष फोकस
कलेक्टर-एसपी ने सभी खरीदी केंद्रों पर किसानों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि—
पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता
छाया, पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था
तौल एवं भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इस संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि जिला प्रशासन धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के मूड में है। कलेक्टर और एसपी का अचानक निरीक्षण न केवल दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है।
निरीक्षण के दौरान खाद्य अधिकारी श्री कौशल साहू, जिला विपणन अधिकारी (DMO) श्री रमेश लहरे सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला जांजगीर-चांपा प्रशासन की यह सक्रियता किसानों के हितों की रक्षा और शासन की पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









