Home मनोरंजन ‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर से चीन असहज, सलमान खान की फिल्म...

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर से चीन असहज, सलमान खान की फिल्म पर भड़का ग्लोबल टाइम्स

135
0

सलमान खान की आगामी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़पों पर आधारित इस फिल्म को लेकर चीन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन सरकार के मुखपत्र माने जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म की आलोचना करते हुए कहा है कि “कहानियों और फिल्मों के जरिए जमीन पर दावा नहीं किया जा सकता।”

ग्लोबल टाइम्स ने यह भी कहा कि फिल्म में पेश की जा रही कहानी तथ्यों से परे है और इसका जमीनी सच्चाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चीन की ओर से गलवान घाटी को लेकर एक बार फिर अपना पुराना रुख दोहराया गया है।

सलमान खान निभा रहे हैं कर्नल संतोष बाबू का किरदार

फिल्म में सलमान खान भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल बिक्कुमल्ला संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं, जो गलवान संघर्ष के दौरान शहीद हुए थे। चीनी मीडिया ने उल्लेख किया कि सलमान खान चीन में ‘बजरंगी भाईजान’ के कारण जाने जाते हैं, लेकिन नई फिल्म को लेकर वहां असहमति साफ नजर आ रही है।

चीनी विशेषज्ञों ने जताई नाराजगी

टीजर जारी होते ही चीन के कई सैन्य और रणनीतिक विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। एक विशेषज्ञ ने कहा कि बॉलीवुड की फिल्में भावनाओं और नाटकीयता पर आधारित होती हैं, लेकिन वे इतिहास नहीं बदल सकतीं और न ही चीन की सेना की क्षेत्रीय दावेदारी को कमजोर कर सकती हैं।

चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर भी फिल्म को लेकर बहस तेज है। एक यूजर ने लिखा कि यह फिल्म वास्तविक तथ्यों से अलग एकतरफा नजरिया दिखाती है। चीन का दावा है कि गलवान घाटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के उसके हिस्से में आती है और वहां उसकी सेना लंबे समय से गश्त करती रही है।

भारत-चीन रिश्तों पर असर की आशंका

कुछ चीनी विश्लेषकों ने यह भी कहा कि ऐसे समय में, जब दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं, इस तरह की फिल्में माहौल को फिर से तनावपूर्ण बना सकती हैं। उनका कहना है कि किसी भी फिल्म से “पवित्र भूमि” की सच्चाई नहीं बदली जा सकती।

गलवान झड़प को लेकर अलग-अलग दावे

चीन का कहना है कि 15 जून 2020 को भारतीय सैनिकों ने समझौते का उल्लंघन करते हुए LAC पार की, जिसके बाद हिंसक झड़प हुई। चीन के मुताबिक इस घटना में उसके चार सैनिक मारे गए, जबकि भारत के 20 जवान शहीद हुए।

वहीं, एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि गलवान संघर्ष में चीन के 38 सैनिकों की मौत हुई थी, जिसे चीन ने कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया।

गलवान घाटी की घटना और उसके बाद

15–16 जून 2020 की रात गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। भारत ने इसके बाद कई चीनी ऐप्स और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए और उड़ान सेवाओं पर भी रोक लगाई थी। यह घटना दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ा मोड़ साबित हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here