बिलासपुर संवाददाता – रोशनी सोनी
बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में शासकीय कार्यालय रहे बंद
बिलासपुर।
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी हड़ताल दूसरे दिन भी पूरी तरह सफल रही। हड़ताल के चलते बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में अधिकांश शासकीय कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। कर्मचारी-अधिकारी धरना-प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे, जिससे आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश कर्मचारी-अधिकारी अपनी जायज मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार द्वारा मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता प्रदान करना,
डीए एरियर्स राशि की राशि जीपीएएफ खाते में समायोजित करना,
चार स्तरीय समयमान वेतन लागू करना,
लिपिक शिक्षक सहित विभिन्न सवर्गों को वेतन विसंगतियों को दूर करना
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ देना
इसके अलावा सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतन देने,
अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत की सीलिंग में शिथिलीकरण,की जाए
प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने,
अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिवस करने,
दैनिक एवं अनियमित संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण
सभी विभागों में समानता रखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
हड़ताल के दूसरे दिन जिले के सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध और आक्रोशित नजर आए। धरना-प्रदर्शन में डॉ. बी.पी. सोनी, जी.आर. चंद्रा, डॉ. सुनील कुमार यादव, किशोर शर्मा, सूर्यप्रकाश कश्यप, आई.पी. सोनवानी, राजेश पांडेय एवं चंद्रशेखर पांडेय सहित सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









