Home चर्चा में साय के सुशासन पर भाजपा समर्थित सरपंच ने चला दिया बुलडोजर!

साय के सुशासन पर भाजपा समर्थित सरपंच ने चला दिया बुलडोजर!

23
0

= ढहा दिया वन अधिकार पट्टे की जमीन पर बना विधवा महिला का मकान =
= करपावंड थानेदार ने किया बेवा महिला का अपमान =
-अर्जुन झा-
बकावंड। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर गरीब को पक्का मकान उपलब्ध कराने संकल्पित भाव से काम कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राज्य में सुशासन की बयार बहा रहे हैं तथा मातृशक्ति के सम्मान एवं समृद्धि के लिए महतारी वंदन योजना चला रहे हैं, वन भूमि पर काबिज लोगों को भूमि के पट्टेदे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बकावंड विकासखंड के करपावंड में सरपंच और थानेदार मिलकर साय के सुशासन पर बुलडोजर चला रहे हैं। वन अधिकार पट्टे की जमीन पर बने गांव की एक विधवा महिला के मकान को महज इसलिए जेसीबी से ढहा दिया गया क्योंकि उसने अपना धर्म नहीं बदला और सरपंच तथा थानेदार की बात नहीं मानी।


सरकार ने जिस विधवा को घर बनाने के लिए 15 वर्ष पूर्व वन अधिकार पट्टा प्रदान किया था और जहां वह मकान बनाकर निवासरत रह अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही थी, उस विधवा के मकान पर भाजपा समर्पित करपावंड सरपंच ने जेसीबी चलाकर मकान को धाराशायी करवा दिया। पीड़ित महिला जब न्याय की गुहार लगाने करपावंड थाने पहुंची, तो वहां भी थानेदार ने बेवा को खरी खोटी सुना कर भगा दिया। दो दिन पूर्व ही पीड़ित बेवा ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर घर तोड़ने से बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन बेवा की गुहार काम नहीं आई। सरपंच की दबंगई के कारण करपावंड में शांति व्यवस्था भंग हो रही है। ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2008-09 में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर श्रीमती सुकरी पति स्व. दशरथ निवासी करपावंड बाजारपारा को जिला प्रशासन द्वारा वन अधिकार पट्टा जारी किया गया था। जहां बेवा मकान बनाकर निवासरत थी। भाजपा समर्पित सरपंच बेवा के मकान को जेसीबी से धाराशायी कर दिया। इसके लिए भी साजिश रची गई।बेवा सुकरी ने बताया कि पुलिस ने उसे थाना बुलाया था। बुलावे पर वह थाना पहुंची लेकिन ताक में खड़े सरपंच कुछ ग्रामीणों के साथ जेसीबी लेकर उसके मकान को तोड़ने जा पहुंचे और मकान को धाराशायी कर दिया। जबकि मकान का मामला करपावंड तहसील न्यायालय में विचाराधीन है। नियमों के तहत पंचायत द्वारा पूर्व में जारी पट्टे के प्रस्ताव को खारिज करने की प्रक्रिया की जानी थी, मगर ऐसा नहीं किया गया। सरपंच ने सारे नियमों को दरकिनार कर और आवास पर जेसीबी चलाकर अपनी दबंगई का परिचय दिया। सरपंच की इस कार्रवाई को लेकर करपावंड में तनाव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों के दो गुट बन गए हैं और दोनों गुट आमने सामने आ गए हैं।

जांच के बीच सरपंच की मनमानी
सुकरी बाई के जिला प्रशासन से गुहार लगाने के बाद अपर कलेक्टर सीपी बघेल द्वारा बकावंड एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। एसडीएम के जांच के पूर्व ही सरपंच ने बेवा के ठिकाने पर बुलडोजर चलवा दिया। जब सरपंच की दबंगई चल रही थी तब एसडीएम थाने में मौजूद थे। इस तरह सरपंच ने प्रशासन के कदम की भी अनदेखी कर दी है।

दागदार है थानेदार की वर्दी
पीड़ित विधवा सुकरी बाई को इंसाफ दिलाने की बजाय अपमानित और दुत्कार कर भगाने वाले करपावंड के थाना प्रभारी की वर्दी पर दाग ही दाग हैं। थानेदार पर गुप्ता परिवार की बहु के आत्महत्या के प्रकरण में पहले से बड़ा धब्बा लग चुका है। साथ ही क्षेत्र के मेला मड़ाई और बाजारों में में खुड़खुड़ी जुआ खिलाने वालों को प्रश्रय देने, अवैध शराब, गांजा विक्रय करने वालों से सांठगांठ के आरोप भी करपावंड थाना प्रभारी पर लगते रहे हैं। सूत्रों का दावा तो यह भी है कि पीड़ित महिला सुकरी बाई पर धर्म परिवर्तन करने एक स्थानीय समूह दवाब बना रहा था। उक्त बेवा को सरपंच और थानेदार की मनमानी बात नहीं मानने की सजा भुगतनी पड़ी है। करपावंड गांव में बने तनाव के हालात के लिए भी सरपंच के साथ ही थानेदार को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here