दीपका संवाददाता – हेमचंद सोनी
गेवरा दीपका
विगत दिनों एसईसीएल गेवरा के द्वारा समय-समय पर अलग-अलग गांव में स्वास्थ्य सिविल लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शासन की योजनाओं के तहत शिविर लगाया जाता है और ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवा उपलब्ध भी कराई जाती है जिससे आसपास क्षेत्र में बसे ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों की चपेट से बचाया जा सके इसी तारतम में एसईसीएल नेहरू शताब्दी चिकित्सालय कि डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए ग्राम रलिया में शिविर का आयोजन किया गया था इस दौरान वहां स्वस्थ शरीर का लाभ उठाने बहुतायत संख्या में ग्रामीण आने लगे शिविर का संचालन सुचारु रूप से चल रहा था तथा शिविर के आखरी में पहुंचे हुए कुछ व्यक्तियों के द्वारा डॉक्टरों की टीम के लौटते वक्त दो अर्पण विश्वास के साथ हाथापाई की गई जिसके कारण डॉक्टर अर्पण विश्वास के आंखों को गंभीर चोटे लगी और डॉक्टरों ने आनन फ़ानन में किसी तरह अपने आप को बचाकर वहां से निकल गए जिससे गंभीर आपरी घटना होने से बच गई

इस मामले की शिकायत डॉक्टर ने पुलिस थाने में भी की है
दो अर्पण विश्वास के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट की घटना को लेकर डॉक्टरों की टीम ने स्थानीय पुलिस थाने में मारपीट करने वाले ग्रामीणों के के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत करते हुए सख्त कार्रवाई और इस निंदनीय घटना पर प्रशासन को भी आगाह किया है
इस घटना को लेकर डॉक्टरो ने एसईसीएल गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में पहुंचकर काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया
सीएमओए आई गेवरा क्षेत्र द्वारा डॉ. अर्पण विश्वास के साथ स्वास्थ्य शिविर के दौरान गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किये गए मारपीट के विरुद्ध क्षेत्रिय महाप्रबंधक कार्यकाल में काला फीता लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें काफी संख्या में अधिकारी शामिल हुए।
एसईसीएल के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों के द्वारा पूर्व में भी मारपीट की घटनाएं हो चुकी है
बता दें इसके पहले भी L&R विभाग के अधिकारी श्री शिखर सिंह चौहान के साथ भी मारपीट की घटना हुई। बार बार इस तरह की घटनाएं हो रही है जिसके चलते सभी अधिकारी अपनी सुरक्षा के प्रति चिंतित है। इस घटना को लेकर डॉक्टर और एसईसीएल के अधिकारी मिलकर इस विरोध प्रदर्शन के द्वारा कोल इंडिया प्रबंधन एवं छ.ग़.प्रशासन को यह बताया कि हम सभी अधिकारी एक साथ हैं और अपनी मांग के लिए लड़ने को तैयार हैं। एसईसीएल के विभागीय अधिकारियों ने अपील की है कि एक सप्ताह तक अपने कार्य के दौरान विरोध स्वरूप काला फीता लगाये लगाकर सेवा कार्य में लग रहे और इस निंदनीय घटना की शिकायत करते हुए जांच की मांग की है









