तेहरान:
ईरान में गंभीर आर्थिक संकट और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। देशभर में जेन-जी (Gen-Z) से जुड़े लाखों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं और सीधे तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं। कई जगहों पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।
दक्षिणी ईरान के फासा शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी इमारत में घुसने की कोशिश की, जहां तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, प्रांतीय गवर्नर कार्यालय के मुख्य द्वार और शीशों को नुकसान पहुंचा है।
झड़पों में 7 लोगों की मौत, 20 गिरफ्तार
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान एक सैनिक समेत सात लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटनाओं के बाद कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
तेहरान के बाजारों में हड़ताल, कारोबार प्रभावित
राजधानी तेहरान में सादी स्ट्रीट और ग्रैंड बाजार क्षेत्र में व्यापारियों और दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन किया। कई जगहों पर दुकानें बंद रहीं, जिससे आर्थिक गतिविधियां ठप हो गईं। यह विरोध अब केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कारोबारी वर्ग भी इसमें शामिल हो गया है।
राजशाही की वापसी की मांग, रेजा पहलवी के समर्थन में नारे
करीब 47 साल पहले समाप्त हुई राजशाही को दोबारा बहाल करने की मांग भी इन प्रदर्शनों का बड़ा मुद्दा बन गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा धार्मिक शासन और आर्थिक हालात से जनता त्रस्त है। इसी कारण निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग तेज हो रही है।
प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प के रूप में देख रहे हैं। युवाओं का मानना है कि उनकी वापसी से ईरान को आर्थिक स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता मिल सकती है।
2022 के बाद सबसे बड़े प्रदर्शन
विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रदर्शन 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए आंदोलनों के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं। उस समय भी देशभर में व्यापक विरोध हुआ था।
हाल ही में तेहरान के कुछ इलाकों में हालात बेकाबू होने पर पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।









