नए सप्ताह की शुरुआत के साथ ही घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। 5 जनवरी को Gold Price Today में नरमी देखने को मिली, जिससे निवेशकों और खरीदारों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है।
दिल्ली और मुंबई में आज के सोने के भाव
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना ₹135,960 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹124,640 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
वहीं मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹135,810 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹124,490 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।
बड़े शहरों में लगभग समान दाम
मुंबई के अलावा चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में भी सोने के भाव लगभग एक जैसे बने हुए हैं। इन शहरों में 24 कैरेट सोना ₹135,810 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹124,490 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है।
पुणे और बेंगलुरु में भी यही रेट देखने को मिल रहा है।
गिरावट के बावजूद मजबूत रहा सोना
हालांकि आज कीमतों में हल्की गिरावट आई है, लेकिन बीते सप्ताह सोने ने मजबूती दिखाई थी। पिछले हफ्ते 24 कैरेट सोने के दाम में करीब ₹750 की तेजी आई थी, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹760 महंगा हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड स्पॉट प्राइस फिलहाल करीब $4,392.94 प्रति औंस के आसपास बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
साल 2025 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 73% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय, खासकर 2026 में, गोल्ड निवेश को लेकर सकारात्मक रुझान बना रह सकता है। हालांकि शॉर्ट टर्म में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें सीमित दायरे में घूम सकती हैं।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़ी राजनीतिक परिस्थितियों ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ाया है। ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोना और चांदी को प्राथमिकता देते हैं।
चांदी में भी हल्की गिरावट
सोने के साथ-साथ आज चांदी की कीमतों में भी मामूली कमजोरी देखने को मिली। 5 जनवरी को चांदी ₹240,900 प्रति किलोग्राम के भाव पर रही। हालांकि बीते एक हफ्ते में चांदी की कीमत करीब ₹3,100 तक बढ़ी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर स्पॉट प्राइस लगभग $74.52 प्रति औंस पर बना हुआ है।
चांदी निवेश पर एक्सपर्ट्स की राय
लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है। सालाना आधार पर चांदी का रिटर्न करीब 164% तक रहा है। मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर नियंत्रण से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे आने वाले समय में कीमतों को समर्थन मिल सकता है।









