संवाददाता – निलेश सिंह
अकलतरा:
विधायक राघवेंद्र सिंह ने धान खरीदी प्रक्रिया पर सरकार और जिला प्रशासन के दोहरे रवैये को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का धान जब्त कर उसे ‘अवैध’ घोषित किया जा रहा है, जबकि जांच के नाम पर उनका उत्पीड़न हो रहा है। किसानों को ही संदेह की नजर से देखा जा रहा है, वहीं वास्तविक भ्रष्टाचार पर प्रशासन की आंखें बंद हैं।संग्रहण केंद्रों में खुलेआम भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है, जहां हजारों क्विंटल धान अवैध रूप से बेचा जा चुका है। इसकी भरपाई के लिए सड़ा हुआ धान और भुंसा बोरियों में भरकर खानापूर्ति की जा रही है।

विधायक ने चेतावनी दी कि सहकारी समितियों के धान का वजन जानबूझकर कम दिखाकर कागजी संतुलन बैठाने की साजिश रची जा रही है, जो पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगाती है।मिलरों के डीओ काटे जा चुके हैं और धान के बदले नकद भुगतान के ऑफर की शिकायतें उभर रही हैं। फिर भी कार्रवाई केवल किसानों पर ही केंद्रित है। राघवेंद्र सिंह ने जिम्मेदार अधिकारियों से किसानों पर उत्पीड़न बंद करने और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का स्पष्ट आग्रह किया है।







