कोरबा संवाददाता – योगेंद्र राठौर
कोरबा/उरगा।
उरगा थाना क्षेत्र की पुलिस के हाथ से आखिर आज तक क्यो कोई सबूत और चोर दूर है क्या कारण है?
फरसवानी निवासी समाजसेवी भाजपा नेता राकेश श्रीवास के घर हुई लाखों रुपये की चोरी को तीन से महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आया। न चोरी गया नकद, न कीमती जेवरात, और न ही कोई ठोस खुलासा।
घटना के बाद उरगा थाने में विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई थी, इसके बावजूद पुलिस की जांच सिर्फ कागज़ों तक सीमित नजर आ रही है। सवाल यह है कि जब एक समाजसेवक जिसने अपना शरीर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया एवं राजनीतिक नेता के घर हुई बड़ी चोरी का खुलासा नहीं हो पा रहा, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या भरोसा?

अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस बेबस
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उरगा थाना क्षेत्र में चोरी और आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस न तो गश्त बढ़ा रही है, न ही अपराधियों पर लगाम लगा पा रही है। ऐसे में साफ है कि अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं रह गया है।
तीन महीने का लंबा समय बीत जाना यह दर्शाता है कि या तो जांच में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है,
पुलिस के दावों की पोल खुली
उरगा थाना पुलिस का हर बार वही रटा-रटाया बयान सामने आता है—
“मामले की जांच जारी है, जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।”
लेकिन सवाल यह है कि “जल्द” कब आएगा?
तीन महीने बाद भी अगर पुलिस खाली हाथ है, तो यह बयान जनता के साथ मज़ाक से कम नहीं।
जनता में आक्रोश
क्षेत्रवासियों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही चोरी का खुलासा नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एसपी स्तर पर हस्तक्षेप होगा, या फिर उरगा थाना पुलिस की यह नाकामी भी एक और अधूरी जांच बनकर रह जाएगी।
राकेश श्रीवास द्वारा कोरबा पुलिस अधीक्षक जी को तीन बार विशेष टीम गठित करने की मांग की गई है लेकिन पुलिस अधीक्षक महोदय ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और आज चौथी बार 06/01/2026 को, राकेश श्रीवास ने एक सप्ताह के अंदर चोरी का सामना और चोर गिरोह नहीं पकड़ा गया तो उरगा था में अनिश्चत कॉलिंग धरने पर बैठने का ज्ञापन सौंपा गया है पुलिस अधीक्षक कार्यालय में









