सर्दियों के मौसम में सिर दर्द की समस्या आम हो जाती है। ठंडी हवा, साइनस की परेशानी, शरीर में पानी की कमी और वात–कफ दोष के बढ़ने से कई लोगों को बार-बार सिर दर्द झेलना पड़ता है। ठंड में होने वाला यह दर्द कभी-कभी इतना तेज हो जाता है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं। आयुर्वेद में ऐसे सिर दर्द से राहत के लिए कुछ सरल और सुरक्षित घरेलू उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आराम पाया जा सकता है।
तिल के तेल से सिर की मालिश
आयुर्वेद के अनुसार तिल का तेल वात दोष को संतुलित करने में मदद करता है। हल्का गुनगुना तिल का तेल लेकर रात में सोने से पहले सिर और गर्दन पर 5 से 10 मिनट तक मालिश करें। इससे ठंड की वजह से होने वाली जकड़न और सिर दर्द में राहत मिलती है।
भाप लेना है असरदार उपाय
साइनस या बंद नाक के कारण होने वाले सिर दर्द में भाप लेना फायदेमंद माना जाता है। गर्म पानी में नीलगिरी तेल की कुछ बूंदें या अजवाइन डालकर 5 से 7 मिनट तक भाप लें। इससे नाक खुलती है और सिर का भारीपन कम होता है।
ब्राह्मी या नारियल तेल का प्रयोग
ब्राह्मी को दिमाग को शांत रखने वाली औषधि माना जाता है। ब्राह्मी तेल या नारियल तेल से हल्की मालिश करने से तनाव, ठंडी हवा और थकान के कारण होने वाले सिर दर्द में आराम मिल सकता है।
शरीर को रखें हाइड्रेट
सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन पानी की कमी भी सिर दर्द का कारण बन सकती है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पिएं। चाहें तो अदरक या तुलसी की हल्की चाय भी ले सकते हैं, जिससे शरीर गर्म रहेगा और दर्द में राहत मिलेगी।
सिर और कान को ठंड से बचाएं
ठंडी हवा सीधे सिर और कानों पर लगने से सिर दर्द बढ़ सकता है। बाहर निकलते समय ऊनी टोपी, स्कार्फ या दुपट्टे से सिर और कान ढककर रखें। यह छोटा-सा उपाय दर्द से बचाव में काफी मदद करता है।









