लखनपुर संवाददाता विकास अग्रवाल।
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी,अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने कहा कि महज 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या एवं वहां महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।
1971 के उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं जब पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व में भारत ने न केवल कूटनीतिक कड़ापन दिखाया था, बल्कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इतिहास और भूगोल दोनों बदल दिए थे। उन्होंने अमेरिका जैसी महाशक्ति तक की परवाह नहीं की जिसने भारत के खिलाफ अपना सातवां बेड़ा रवाना कर दिया था।
यह भी चिंताजनक है कि ऐसा देश जिसका निर्माण ही भारत ने किया था वह भारत के खिलाफ हो गया है। यह भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता है।
केंद्र सरकार को ‘गहरी चिंता’ व्यक्त करने जैसे रस्मी बयानों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन और मान-सम्मान की रक्षा करना हमारी नैतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी है।
इतिहास गवाह है कि मात्र खोखले नारों से नहीं, बल्कि निर्णायक नेतृत्व से ही निर्दोषों की जान बचाई जा सकती है। प्रधानमंत्री जी को इस मामले में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव बनाना चाहिए।
परवेज़ आलम गांधी
प्रदेश महासचिव
छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी,अल्पसंख्यक विभाग









