रायपुर, 07 छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली किसी भी अलगाववादी विचारधारा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हाल के दिनों में सामने आए विवादित नारों और गतिविधियों पर सरकार गंभीर है, और ऐसी सोच पर कठोर वैचारिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र नक्सलवाद के समूल नाश के लिए ठोस निर्णय लेकर समय-सीमा घोषित की है। यह केवल सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि अलगाववादी मानसिकता के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी वैचारिक अभियान भी है। उन्होंने कहा कि जो विचारधाराएँ देश को तोड़ने का प्रयास करती हैं, उनका अंत सुनिश्चित है अब उनकी अलगाववादी विचारधाराओं की कब्र खुदेगी।
श्री शर्मा ने बस्तर अंचल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से सशस्त्र नक्सलवाद से बस्तर को शीघ्र मुक्ति दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई, विकास कार्यों की गति, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार के अवसरों का विस्तार और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल से क्षेत्र में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान आवश्यक है, परंतु राष्ट्रविरोधी नारे और हिंसा अथवा अलगाव को उकसाने वाली गतिविधियाँ स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे कृत्यों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी, ताकि शैक्षणिक संस्थान ज्ञान, शोध और राष्ट्रनिर्माण के केंद्र बने रहें।
अंत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, विकास और समावेशन के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। “बस्तर में शांति बहाली हमारा संकल्प है और देशविरोधी सोच के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना हमारी जिम्मेदारी,” उन्होंने दोहराया।









