छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में न्यूनतम तापमान 4.6°C तक गिरने से हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का सिलसिला जारी है, जहाँ सुबह ओस जमकर बर्फ जैसी सतह बन गई। राजधानी रायपुर में भी घना धुंध छाया रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अब यह ठंडी लहर केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों पर इसका असर देखा जा रहा है:
उत्तर भारत में तापमान में गिरावट
दिल्ली-एनसीआर में इस सर्दी सीज़न के कुछ सबसे निम्न तापमान रिकॉर्ड किए गए हैं, भीषण शीतलहर और कोल्ड-डे अलर्ट के साथ सुबह-सवेरे पारा काफी नीचे रहा।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया है, जिससे दृश्यता कम होने के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
राजस्थान और मध्य भारत में ठंड का कहर
राजस्थान के कई जिलों में तापमान माइनस तापमान के करीब गिरा, और शीतलहर तथा घने कोहरे को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी जारी है। मध्य प्रदेश के खजुराहो जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान करीब 3.6°C दर्ज किया गया, जिससे ठंड की तीव्रता और बढ़ी।
पूर्वी-केंद्रीय राज्यों पर भी ठंड का प्रभाव
झारखंड के कई इलाकों में तापमान बरीक गिरकर शीतलहर जैसे हालात बने हैं और मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
बिहार समेत अन्य पूर्वी राज्यों में भी घना कोहरा और ठंडी परिस्थितियाँ बनी हुई हैं, जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है और चेतावनियाँ दी गई हैं।
IMD का मौसम अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, कई उत्तरी और मध्य भारतीय क्षेत्रों में कोहरे और शीतलहर की स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, हालांकि कुछ इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना भी जताई गई है।
इस ठंड की लहर का असर न सिर्फ सुबह-सवेरे के कम तापमान तक सीमित है, बल्कि यात्रा, सड़क-रेल यातायात और लोगों की दैनिक दिनचर्या पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों की सलाह है कि ठंड और कोहरे के दौरान सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरती जाएँ।







