रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी
कबड्डी… कबड्डी… कबड्डी… यही गूंज अब रतनपुर के महामाया ग्राउंड में सुनाई देने वाली है,रतनपुर में कबड्डी का एक बड़ा महाकुंभ 16,17 ओर 18 जनवरी को आयोजित होने वाला है, जिसकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं.
रतनपुर में स्व. नारायण चित्रकार की स्मृति में जिला कबड्डी प्रीमियर लीग महामाया ट्राफी 2026 (पुरुष वर्ग) का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 16 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता का शुभारंभ 16 जनवरी को शाम 4 बजे होगा, जबकि ओर मुकाबले रात्रि 10 बजे तक खेले जाएंगे।
आयोजन जिला ब्लॉक कबड्डी संघ कोटा एवं समस्त नगरवासी रतनपुर के तत्वावधान में किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं। जिसमे
प्रथम पुरस्कार: ₹41,000 नकद एवं ट्रॉफी
द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000 नकद एवं ट्रॉफी
तृतीय पुरस्कार: ₹21,000 नकद एवं ट्रॉफी
चतुर्थ पुरस्कार: ₹15,000 नकद एवं ट्रॉफी
इसके अलावा खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए विशेष व्यक्तिगत पुरस्कार भी रखे गए हैं। इनमें ऑलराउंडर खिलाड़ी, बेस्ट रेडर, बेस्ट राइट केचर, बेस्ट लेफ्ट केचर, बेस्ट राइट सेंटर और बेस्ट लेफ्ट सेंटर को सीलिंग फैन एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया जाएगा।

इस कबड्डी महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 100 से भी अधिक खिलाडी टीम ब्लॉक स्तरीय बनाकर भाग लेंगी. जिला कबड्डी व ब्लॉक कबड्डी संघ की ओर से आयोजित इस कबड्डी महोत्सव के लिए महामाया ग्राउंड में कोर्ट तैयार किए जा रहे हैं, जहां प्रतियोगिता के सभी मैच खेले जाएंगे.
कबड्डी एक ऐसा खेल है, जो भारत समेत पूरे एशिया में बेहद लोकप्रिय है. ये खेल कई सदियों से खेला जा रहा है और यहां तक माना जाता है कि 4000 साल पहले तमिलनाडु से इसकी शुरुआत हुई थी. दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया में ईरान जैसे देशों में खूब कबड्डी खेली जाती है. ये खेल दो टीमों के बीच खेला जाता है. इसके लिए 13 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा कोर्ट तैयार किया जाता है. इसके दोनों हिस्सों में 7-7 खिलाड़ियों वाली टीम खड़ी रहती हैं, जबकि 5-5 खिलाड़ियों को सब्स्टीट्यूट के लिए रखा जाता है. कबड्डी का खेल 20-20 मिनट के दो हिस्सों में खेला जाता है. इस खेल में सबसे ज्यादा पॉइंट्स बनाकर ही जीत दर्ज की जाती है.
पॉइंट्स का तरीका बेहद सरल है- एक टीम का खिलाड़ी दूसरी टीम के हिस्से में जाता है और इस दौरान बिना सांस लिये ‘कबड्डी-कबड्डी’ बोलता रहता है. उसके पास 30 सेकेंड का वक्त होता है, जिसमें उसे विरोधी टीम के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को छूकर वापस लौटना होता है. जितने खिलाड़ियों को छूकर वो वापस लौटता है, उतने खिलाड़ी बाहर हो जाते हैं और टीम को पॉइंट मिलते हैं. अगर दूसरी टीम के खिलाड़ियों ने उसे 30 सेकेंड के अंदर दबोच लिया तो वो बाहर हो जाता है. कबड्डी का वर्ल्ड कप तो होता ही है, साथ ही एशियन गेम्स में भी इसे काफी अहमियत मिलती है. वहीं भारत की प्रो कबड्डी लीग भी बेहद मशहूर है.
इस प्रतियोगिता का फाइनल मैच 18 जनवरी शाम को खेला जायेगा जबकि लीग के पुरे मैच 16,17 जनवरी को खेला जाएगा, प्रतियोगिता के सभी मैच दोपहर 2 बजे से शुरू होंगा आयोजन समिति जिला कबड्डी संघ, ब्लाक कबड्डी संघ ने सभी नगर वासियों से अपील की हैं की इस आयोजन को सफल बनाने आप अपना सहयोग प्रदान करे,,,!!!









