बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
गोंडवाना सामाजिक मिलन समारोह का रंगारंग हुआ आयोजन
जगदलपुर। गोंडवाना समाज समन्वय समिति जिला बस्तर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दो दिवसीय वार्षिक गोंडवाना सामाजिक मिलन समारोह का आयोजन गोंडवाना समाज भवन वर्गीस कॉलोनी धरमपुरा जगदलपुर में किया गया। बुढ़ाल पेन की पारंपरिक सेवा अर्जी के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।

आयोजन के प्रथम दिवस महिला प्रभाग की पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। चित्रकला, निबंध लेखन, क्विज, रंगोली, एकल, युगल एवं सामूहिक नृत्य, गायन एवं महिलाओं के लिए विशेष रूप से दोना पत्तल सिलने की प्रतियोगिता हुई। प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आयोजन के द्वितीय दिवस रविवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित कर प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। आयोजन के समापन दिवस पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में तिरुमाल अरविंद नेताम पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में तिरुमाल सुनहेर सिंह नाग संभागीय अध्यक्ष गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग, एसएस कोरेटी संरक्षक गोंडवाना समाज बस्तर जिला, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में तिरुमाल संग्राम सिंह राणा वार्ड पार्षद गुरु गोविंद सिंह वार्ड थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष नकुल सिंह सेवता ने की। श्री सेवता ने समाज द्वारा चलाई जा रही सामाजिक, सांस्कृतिक, संवैधानिक, धार्मिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी और भविष्य में गोंडी भाषा संस्कृति के लिए गोंडी विद्यापीठ पथरागुड़ा जगदलपुर में संचालित करने की बात कही। इस अवसर पर गोंडवाना समाज के इतिहास, संस्कृति, रीति रिवाज, भाषा बोली पर वक्ताओं ने बातें रखीं। मुख्य अतिथि अरविंद नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति को संरक्षित संवर्धित करते हुए संविधान में प्रावधानित अधिकारों की रक्षा और भविष्य में समाज को सजग रहते हुए संघर्ष करने के लिए आगाह किया। उन्होंने कहा कि इस देश में आदिवासियों को बिना संघर्ष कुछ भी हासिल नहीं हुआ है, लेकिन संघर्ष कभी बंद नहीं होना चाहिए। पेसा वनाधिकार कानून के प्रावधानों में ग्रामसभाओं को स्व शासन का अधिकार दिया गया है लेकिन धरातल पर आज भी यह अधिकार प्राप्त नहीं हुआ है।

विशिष्ट अतिथि सुनहेर सिंह नाग संभागीय अध्यक्ष ने कहा कि गोंडवाना समाज समन्वय समिति का गठन ही गोंड समुदाय की केंद्र राज्य सरकार की सूची में सरल क्रमांक 16 में सूचीबद्ध 22 उपजातियों को एक सूत्र में रखकर एकता स्थापित करने की रही है। श्री नाग ने बल देते हुए कहा कि समाज की संस्कृति को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास के दौर में आगे बढ़ना है लेकिन अपनी भाषा बोली संस्कृति को नहीं भूलना है। कार्यक्रम के बीज वक्ता के रूप में ललित नरेटी द्वारा टंडा मंडा कुंडा नेग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसकी वैज्ञानिक सामाजिक समाजशास्त्री आधार पर व्याख्या कर बताया कि गोंड समुदाय की व्यवस्थाएं उन्नत और प्राकृतिक व्यवस्थाओं के करीब के साथ ही वैज्ञानिक आधार पर भी सही है। तिरुमाल नरेटी ने गोंड समुदाय में मामा फूफू की बेटी से विवाह करने की परम्परा का समाज शास्त्रीय एवं वैज्ञानिक आधार को परिभाषित किया। उन्होंने समुदाय के कालेज स्टूडेंट्स को गोंड समुदाय की परंपराओं पर पीएचडी करने का आह्वान किया। समुदाय को राजनीति में कैसे भागीदारी करनी चाहिए इस पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद वार्ड के पार्षद संग्राम सिंह राणा ने उपस्थित जन समुदाय को सेवा जोहार अभिवादन करते हुए कहा कि गोंडवाना और गोंड इस देश का जीवंत ऐतिहासिक समुदाय है। इस समुदाय ने दो सौ सालों तक मध्य भारत में राज चलाया और कई स्वतंत्रता सेनानी दिए हैं। इन महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। श्री राणा ने कहा कि समाज के विकास के लिए एक जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी संभव होगा उसके लिए मैं हमेशा सहयोग करूंगा। अंत में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं प्रथम दिवस में आयोजित विभिन्न विधाओं के प्रतिभागियों को प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान के साथ सांत्वाना पुरुस्कार सहित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मंच संचालन नंदनी कचलाम,नरेश मरकाम एवं माखन लाल सोरी के द्वारा किया गया। प्रतियोगिता कार्यक्रम को सफल बनाने में…









