रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर, 13 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 9 साल की एक मासूम बच्ची के साथ 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति ने पांच दिनों तक क्रूरता से दुष्कर्म किया। आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी ने खुद को चूड़ीवाला बताकर बच्ची को चॉकलेट और खिलौनों का लालच देकर अपने घर ले जाता था। बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स में असहनीय दर्द होने पर उसने अपनी चाची को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।
यह घटना रायपुर के एक घनी आबादी वाले इलाके में घटी, जहां बच्ची अपने परिवार के साथ रहती है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी अंसारी पड़ोस में चूड़ी बेचने का धंधा करता था। वह रोजाना बच्ची के घर के आसपास घूमता और उसे चॉकलेट, टॉफी या छोटे-मोटे उपहार देकर लुभाता। पहले दिन वह बच्ची को बहाना बनाकर अपने घर ले गया और वहां दुष्कर्म किया। बच्ची की उम्र कम होने के कारण वह डर गई और विरोध नहीं कर पाई। अगले चार दिनों तक यह सिलसिला जारी रहा। आरोपी धमकी भी देता था कि अगर किसी को बताया तो उसे मार डालेगा।
पांचवें दिन बच्ची को प्राइवेट पार्ट्स में इतना तेज दर्द हुआ कि वह चलने में भी असमर्थ हो गई। शाम को जब चाची घर लौटीं, तो बच्ची रोते हुए अपनी चाची के पास गई और सारी घटना बता दी। चाची ने तुरंत परिवार को सूचना दी। परिजनों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके घर से चॉकलेट के पैकेट और बच्ची के कपड़े बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया, “यह बेहद गंभीर मामला है। POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बच्ची को काउंसलिंग दी जा रही है और परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।” थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपी लंबे समय से इलाके में घूमता था और कई अन्य बच्चों पर भी शक है। पड़ोसियों ने बताया कि अंसारी अक्सर अकेले बच्चों को देखकर मुस्कुराता था, लेकिन किसी ने शक नहीं किया।
यह घटना रायपुर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों पर नजर रखनी चाहिए और अजनबियों से सावधान रहना चाहिए। एनजीओ ‘द वेलफेयर सोसाइटी’ की ओर से बच्ची के परिवार को सहायता देने का ऐलान किया गया है। समाज में व्याप्त यह खतरा अब चिंता का विषय बन गया है। पुलिस ने अभियान चलाकर संदिग्धों पर नजर रखने का वादा किया है।







