सुकमा जिले में नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति की दिशा में एक अहम उपलब्धि सामने आई है। दरभा और केरलापाल एरिया कमेटी से जुड़े 29 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। यह आत्मसमर्पण एसपी किरण चव्हाण, एएसपी रोहित शाह तथा सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे की मौजूदगी में हुआ।
गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण देखने को मिला है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने, विकास कार्यों में तेजी आने और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के सकारात्मक असर से नक्सली मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हुए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से दरभा और केरलापाल क्षेत्र में सक्रिय थे और कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे थे।
इस मौके पर एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर दे रही है। एएसपी रोहित शाह ने बताया कि सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ संवाद और विश्वास कायम करना भी शांति स्थापना की रणनीति का अहम हिस्सा है। वहीं सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि गोगुंडा में सुरक्षा कैंप खुलने से न केवल इलाके की सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी बढ़ा है, जिससे नक्सल प्रभाव लगातार कमजोर पड़ रहा है।









