Home चर्चा में नक्सल गढ़ में दिखने लगा मार्च का बासंती बयार…!

नक्सल गढ़ में दिखने लगा मार्च का बासंती बयार…!

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 = अति नक्सल प्रभावित पिल्लूर में पहली दफे बनने जा रहा है स्कूल भवन =
= मार्च-2026 की शाह वाली डेड लाइन और साय के सुशासन का बड़ा असर=
-अर्जुन-
जगदलपुर। बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित इलाकों में दो माह पहले ही बासंती बयार बहने लगी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की 31 मार्च 2026 वाली डेड लाइन और साय के सुशासन का बड़ा असर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नजर आने लगा है। बस्तर के पूरी तरह नक्सल मुक्त होने के उत्साह वर्धक लक्षण दिखने लगे हैं। नक्सल आतंक के चलते बुझ चुका शिक्षा का दीपक अब फिर से प्रदीप्त हो उठा है, सड़कें बनने से विकास के रास्ते खुल गए हैं। सहमी सी रहने वाली इंद्रावती की लहरें फिर से हिलोरें मारने लगी हैं।


बस्तर संभाग का बीजापुर जिला दशकों से नक्सलवाद का दंश झेलते आया है। इस जिले के ज्यादातर अंदरूनी गांवों में नक्सलियों का कब्जा रहा है। नतीजतन इन गांवों में शुद्ध पेयजल, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही थीं। नक्सलियों ने अपने स्वार्थ के लिए ग्रामीणों को इन जरूरतों और बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रखा था। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने, संकल्प शक्ति के धनी अमित शाह के केंद्रीय गृहमंत्री बनने और छत्तीसगढ़ में सुशासन वाली विष्णु देव साय सरकार बनने के बाद बस्तर की आबो हवा में भारी बदलाव आया है। हिंसक कारनामों से दहशत फैलाने नक्सली अब खुद दहशत में आ गए हैं। उच्च मनोबल के साथ सुरक्षा बलों और पुलिस के जवान तेजी से नक्सली गढ़ ढहाते जा रहे हैं। गांवों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना के साथ ही सुविधाएं भी पहुंचने लगी हैं। बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र के अति नक्सल प्रभावित ग्राम पिल्लूर इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहां दशकों बाद शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल हुई है। यहां पहली बार स्थायी स्कूल भवन के निर्माण का रास्ता खुल गया है। पिल्लूर में स्कूल भवन हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। भूमिपूजन जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैया ने किया। अब तक ग्राम पिल्लूर में स्कूल का संचालन अस्थायी शेड में किया जा रहा था, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए स्कूल भवन के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

नए युग की शुरुआत
गौरतलब है कि हाल ही में क्षेत्र में सुरक्षा कैंप खुलने के बाद विकास कार्यों को गति मिली है। इसी का परिणाम है कि अब शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा गांव तक पहुंच रही है। भूमिपूजन के बाद गांव के लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने इस पहल को क्षेत्र के लिए नए विकास युग की शुरुआत बताते हुए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। पिल्लूर सरपंच कुम्मा समैया, टी. गोवर्धन राव, शिक्षक इंजीनियर एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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