Home चर्चा में भखारा थाना बना इन दिनों सेटलमेंट का अड्डा, कार्यवाही कम लीपापोती ज्यादा

भखारा थाना बना इन दिनों सेटलमेंट का अड्डा, कार्यवाही कम लीपापोती ज्यादा

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खिलेश साहू/धमतरी –

जिले के भखारा थाना कुछ महीनों से चर्चा में है चर्चा होना लाज़मी हैं भखारा थाना पुलिस पर जुआ जैसे गतिविधियों में मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं,आरोप सीधा सीधा भखारा थाना प्रभारी और कुछ महीने पहले पददस्त हुए ए.एस.आई पर लग रहे है दोनो पर जांच की मांग की स्वर तेज हो रही है।

भखारा थाना क्षेत्र में अवैध जुआ गतिविधियों को लेकर भखारा थाना पुलिस पर मिलीभगत के आरोप सामने आ रहे हैं।क्षेत्र और स्थानीय नागरिकों तथा सामाजिक संगठनों का आरोप है कि थाना क्षेत्र में लंबे समय से जुआ संचालित हो रहा है, बावजूद इसके कार्रवाई न होना संदेह पैदा करता है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानों पर खुलेआम जुआ खेले जाने की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन कथित तौर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के कारण युवाओं में नशा और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

इस मामले में सामाजिक संगठनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से सच्चाई सामने आए, और यदि कहीं लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

वहीं, पुलिस विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि शिकायतें प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच की जाती है और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

क्षेत्रवासियों की नजर अब पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और जनता का विश्वास बना रहे। सूत्र बताते हैं कि भखारा थाना का मामला सिर्फ जुआ तक ही नही सिमटा है बल्कि कुछ दिन पहले नव वर्ष के उपलक्ष्य में एक गांव में कब्बडी प्रतियोगिता के दौरान चाकूबाजी की भी घटना हुईं थी इस घटना में 3 युवकों को पुलिस संदेह के आधार पर उठाकर लाया था किंतु 25-25 हजार लेकर 3 युवकों को छोड़ दिया गया,जिसे लेकर पूरे गांव में तरह तरह कि चर्चा हो रही हैं,कुछ महीने पूर्व ही इसी गांव से आवारा पशुओं को गांव से खदेड़ते हुए कुछ ग्रामीण रात्रि में ले जा रहे थे जिसे भखारा पुलिस ने रोक कर तस्करी का नाम देकर ग्रामीणों पर दबाव डाल कर कुछ राशि वसूल कर ग्रामीणों को छोड़ दिया गया था परंतु गांव में पूरा ग्रामीण बैठक हुआ जिसके बाद पुलिस थाना भखारा ने ग्रामीणों के पैसा वापस किया था जिसे लेकर भखारा थाना पुलिस की काफ़ी फजीहत औऱ किरकिरी हुई थी।

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