जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का निर्वहन ही एक आदर्श पुलिस अधिकारी की पहचान होती है। जांजगीर-चांपा जिले में ऐसा ही एक प्रेरणादायी उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर श्री उमेश कुमार कश्यप एवं SDOP चांपा श्री यदुमणि सिदार ने सड़क दुर्घटना में घायल युवकों की सहायता कर मानवता की मिसाल पेश की।
आज दोपहर लगभग 3.45 बजे राहौद बस्ती मेन रोड पर तेज रफ्तार के कारण दो मोटरसाइकिल सवारों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि दोनों चालक सड़क पर घायल अवस्था में तड़पते नजर आए। संयोगवश उसी समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप एवं SDOP चांपा श्री यदुमणि सिदार घटनास्थल से गुजर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दोनों अधिकारियों ने बिना एक पल गंवाए अपने प्रशासनिक दायित्व से आगे बढ़कर मानवीय कर्तव्य निभाया।

दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल SDOP शिवरीनारायण के शासकीय वाहन की व्यवस्था कर स्थानीय नागरिकों के सहयोग से दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार हेतु पामगढ़ अस्पताल भिजवाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने से बच गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कश्यप ने मौके पर उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है और ऐसे में प्रत्येक दोपहिया वाहन चालक को मोटरसाइकिल चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करना चाहिए। हेलमेट न केवल कानून का पालन है, बल्कि यह जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी साधन भी है। तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ही अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनती है।
SDOP श्री यदुमणि सिदार ने भी आमजन से अपील की कि सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का पालन करें, गति सीमित रखें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि समाज की संरक्षक और संकट में खड़े नागरिकों की सच्ची सहायक भी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप एवं SDOP श्री यदुमणि सिदार द्वारा दिखाई गई तत्परता, संवेदनशीलता और मानवता निश्चित ही समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे अधिकारी न केवल विभाग की छवि को मजबूत करते हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी और गहरा करते हैं।









