बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नेशनल पार्क क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। बीजापुर जिले में वर्ष 2026 की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें जवानों को अहम सफलता मिली है। मट्टीमरका के जंगलों में चल रही इस मुठभेड़ में अब तक दो नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
सूत्रों के अनुसार, जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम को नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी दौरान जवानों का सामना नक्सलियों के एक बड़े दल से हो गया और दोनों ओर से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ सुबह से जारी है।
कार्रवाई के दौरान घटनास्थल से दो अत्याधुनिक ऑटोमेटिक हथियार, जिनमें AK-47 राइफल शामिल हैं, बरामद किए गए हैं। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बड़े नक्सली नेताओं की मौजूदगी की आशंका
बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ के दौरान नक्सली संगठन के वरिष्ठ नेता पापाराव और दिलीप वेंडजा के मौजूद होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
गौरतलब है कि नेशनल पार्क क्षेत्र पहले भी नक्सल विरोधी अभियानों का केंद्र रहा है। यहां सुरक्षाबलों ने पूर्व में कई कुख्यात नक्सलियों को ढेर किया है, जिनमें इनामी स्नाइपर और डिप्टी कमांडर शामिल रहे हैं। इसके अलावा हाल के दिनों में इसी इलाके से कुछ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया था।







