-शहर की सफाई में सहयोग प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी-महापौर पांडेय =
-दीपोत्सव कार्यक्रम में सभी लोग पहुंचें: कलेक्टर हरिस एस =
अर्जुन झा/जगदलपुर। नगर के दलपत सागर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले दलपत दीपोत्सव कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापौर संजय पांडेय, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, कलेक्टर हरिस एस, आयुक्त नगर निगम प्रवीण वर्मा, एसडीएम ऋषिकेश तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग सहित विभिन्न समाजों, व्यापारिक संगठन, स्वयंसेवी संगठन, परिवहन संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।
बैठक में महापौर संजय पांडेय ने कहा कि दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता से जोड़ना एक प्रभावी पहल है। महापौर श्री पांडेय ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि शहर की साफ-सफाई केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। दलपत सागर की स्वच्छता एवं गरिमा बनाए रखने में सभी समाजजन सक्रिय सहयोग करें, ताकि यह स्थल सांस्कृतिक आस्था के साथ-साथ स्वच्छता का भी प्रतीक बन सके। कलेक्टर हरिस एस. ने कहा कि प्रतिवर्ष की भांति भी इस वर्ष के दीपोत्सव में सभी समाज और व्यापारिक संगठनों का सहयोग मिल रहा है, यह ऐतिहासिक सरोवर को सहेजने के साथ ही स्वच्छता के प्रति सभी की सजग सहभागिता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि दीपोत्सव कार्यक्रम में अधिक से अधिक पहुंचे और इसे भव्य उत्सव के रूप में मनाएं।बैठक में उपस्थित विभिन्न समाज प्रमुखों एवं जनप्रतिनिधियों ने दीपोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वेच्छा से आर्थिक, मानव संसाधन एवं अन्य आवश्यकताओं में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में दीपोत्सव के आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्था, सहभागिता तथा स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सभी ने एकजुट होकर दलपत सागर को स्वच्छ, सुंदर और प्रेरणादायक बनाए रखने का संकल्प लिया।
धरोहर सहेजने का प्रयास
ज्ञात हो कि जगदलपुर की ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर एक बार फिर भव्य दीपोत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जिला प्रशासन एवं नगर निगम जगदलपुर द्वारा इस भव्य आयोजन की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। पिछले चार वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे इस दीपोत्सव में हर साल नागरिकों की बढ़ती सहभागिता ने इसे अब एक महापर्व का रूप दे दिया है। इस वर्ष के आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बनाने के लिए एक विशेष थीम निर्धारित की गई है, जो एक दीया स्वच्छता के नाम और एक दीया वंदे मातरम की 150 वीं जयंती के नाम पर होगी। इसके साथ ही रंगोली, चित्रकला एवं रील प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।
जन भागीदारी की पहल
दलपत सागर दीपोत्सव आयोजन की भव्यता और जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अभी से ही वातावरण निर्मित किया जा रहा है। प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से दलपत सागर के तट पर प्रतिदिन 101 दीपक प्रज्वलित किए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न समाज प्रमुख, सामाजिक संगठन, संस्थाएं और शहरवासी उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि 23 जनवरी को हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित हों और दो लाख से अधिक दीपों की रोशनी से दलपत सागर जगमगा उठे। दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से ही स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को वास्तविक मजबूती मिलती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, दिसंबर माह से ही दलपत सागर के परिवेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि आगामी आयोजन के लिए एक बेहतर और सुव्यवस्थित वातावरण तैयार किया जा सके।









