बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= आर्थोपेडिक्स विभाग की टीम ने आधी रात में किया सफल ऑपरेशन =
जगदलपुर। यहां डिमरापाल स्थित बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में सुकमा के एक ऐसे व्यक्ति की जान बचा ली गई, जो अपने ही बेटे के तीर मारने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। हॉस्पीटल के आर्थोपेडिक्स विभाग की टीम ने आधी रात पीड़ित का सफल ऑपरेशन किया।

सुकमा में घरेलू विवाद के दौरान एक व्यक्ति अपने ही पुत्र द्वारा किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना में पीड़ित की जांघ में एक तीर धंस गया था, जबकि दूसरा तीर कलाई के पास घुसकर हाथ की महत्वपूर्ण नस (नर्व) को दबा रहा था। स्थिति अत्यंत संवेदनशील थी। समय रहते उपचार न मिलने की स्थिति में हाथ की स्थायी क्षति हो सकती थी और पीड़ित की जान को भी खतरा हो सकता था। घायल को तत्काल जगदलपुर डिमरापाल चिकित्सालय लाया गया, जहां रात्रि लगभग 2 बजे आर्थोपेडिक्स विभाग की टीम ने तत्परता से उपचार प्रारंभ किया। सहायक प्राध्यापक, आर्थोपेडिक्स विभाग डॉ. आदित्य कौशिक ने विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीत पाल के मार्गदर्शन में जटिल शल्य प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। चिकित्सकीय जांच में पाया गया कि यद्यपि रोगी हेमोडायनामिक रूप से अस्थिर नहीं था, फिर भी कलाई में धंसा तीर नस पर दबाव बना रहा था, जिससे स्थायी नर्व डैमेज का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। टीम द्वारा अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता के साथ दोनों तीरों को सुरक्षित रूप से निकाला गया। विशेष रूप से कलाई क्षेत्र में की गई सटीक प्रक्रिया के माध्यम से हाथ की नस को होने वाली संभावित क्षति को समय रहते रोक लिया गया। इस जटिल हस्तक्षेप में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गुलाब सिंह काशी ने कुशलता से उपयुक्त क्षेत्रीय एनेस्थीसिया प्रदान किया, जिससे पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और सुचारु रूप से सम्पन्न हो सकी। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसी चोटें अत्यंत घातक सिद्ध हो सकती हैं, विशेषकर जब वे नसों के समीप हों। मध्य रात्रि में त्वरित निर्णय, अनुभवी चिकित्सकीय हाथों और समन्वित टीमवर्क के कारण यह जीवन-रक्षक उपचार संभव हो पाया। वर्तमान में रोगी की स्थिति स्थिर है और हाथ की कार्यक्षमता सुरक्षित रहने की उम्मीद जताई गई है। डॉक्टरों के टीम वर्क, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के कुशल नेतृत्व, समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप के महत्व को और हॉस्पीटल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं और चिकित्सकों की प्रतिबद्धता का प्रमाण प्रस्तुत करती है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के कुशल निर्देशन में डाक्टरों की टीम बेहतर व्यवस्था के साथ मरीजों की देखरेख में जुटी है। हॉस्पीटल में साय सरकार के सुशासन की झलक साफ नजर आने लगी है।










