संवाददाता – रघुराज
शेयर बाजार में आज भारी गिरावट का दौर देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 353 अंकों की कमी आई। इस लुढ़के बाजार से निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का झटका लगा।
गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार की इस अचानक कमजोरी के पीछे वैश्विक संकेतक मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी फेड रिजर्व की ब्याज दरों पर अनिश्चितता और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव ने निवेशकों का भरोसा डिगा दिया। इसके अलावा, घरेलू मोर्चे पर महंगाई दरों में वृद्धि और कॉर्पोरेट आय के निराशाजनक परिणामों ने बिकवाली को बढ़ावा दिया। सेंसेक्स का दिन का निचला स्तर 82,010 पर छुआ, जो खुलने के 83207 से काफी नीचे था।
प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
सेंसेक्स 1.28% की गिरावट के साथ 82,180 पर सेटल हुआ, जबकि निफ्टी 1.38% लुढ़ककर 25,232 अंक पर बंद हुआ। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। रिलायंस, HDFC बैंक और इंफोसिस जैसे ब्लूचिप शेयरों में 2-5% की गिरावट दर्ज की गई। छोटे और मिडकैप स्टॉक्स में भी 3-4% की कमजोरी दिखी। कुल मिलाकर, बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ से ज्यादा की कमी हुई।
निवेशकों पर प्रभाव
इस गिरावट से खुदरा और संस्थागत निवेशक दोनों ही चिंतित हैं। डेट म्यूचुअल फंड्स में कुछ ब्याज दिखा, लेकिन इक्विटी मार्केट में भारी बिकवाली हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार को और नीचे धकेला। लंबे समय के निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि घबराएं नहीं, क्योंकि बाजार चक्रीय होता है। हालांकि, अल्पकालिक ट्रेडर्स को सतर्क रहने की जरूरत है।
भविष्य की संभावनाएं
कल के ट्रेडिंग सेशन में रिकवरी की उम्मीद है, लेकिन वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा। आरबीआई की नीति समीक्षा और अमेरिकी बाजारों का रुख महत्वपूर्ण होगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर 25,000 का सपोर्ट लेवल टूटा, तो निफ्टी और गिर सकता है। निवेशक डाइवर्सिफिकेशन और स्टॉप लॉस पर जोर दें। बाजार की यह गिरावट 2026 की शुरुआत में आई चुनौतियों का संकेत दे रही है, लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स लंबी दूरी तय करने में मदद करेंगे।









