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लाल आतंक पर करारा प्रहार: झारखंड में 16 माओवादी मारे गए, इनामी अनल दा ढेर, अब भी सर्च जारी

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रांची/झारखंड। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सारंडा के घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में अब तक 16 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें एक करोड़ रुपये का इनामी और सेंट्रल कमेटी मेंबर अनल दा भी शामिल है। मुठभेड़ अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और इलाके में लगातार सर्च अभियान जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि सारंडा क्षेत्र में कई शीर्ष माओवादी नेता मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने छोटानागरा थाना क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया।

कुंभडीह गांव के पास शुरू हुई मुठभेड़

सुबह के समय जब सुरक्षाबलों की टीम कुंभडीह गांव के आसपास पहुंची, तो जंगल में छिपे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अब तक 16 माओवादी ढेर कर दिए गए हैं। घटनास्थल से कई शव और हथियार बरामद किए गए हैं।

इस ऑपरेशन में कोबरा की 203, 205 और 209 बटालियन के साथ सीआरपीएफ की अन्य इकाइयों के जवान भी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है।

डीआईजी ने की मुठभेड़ की पुष्टि

कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है। उन्होंने कहा कि इलाके की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

मुठभेड़ के बाद सारंडा के पूरे जंगल क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है और नक्सलियों के संभावित भागने के रास्तों पर घेराबंदी की जा रही है।

कौन था मारा गया माओवादी अनल दा?

मारे गए शीर्ष माओवादी की पहचान अनल उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश के रूप में हुई है।

पिता: टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी

निवासी: ग्राम झरहाबाले, थाना पीरटांड, जिला गिरिडीह

पद: भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर

अनल दा लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान और सतर्कता बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों को लेकर सुरक्षाबलों की अंतिम पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

नक्सलियों के गढ़ में प्रहार

सारंडा जंगल लंबे वक्त से नक्सलियों का मजबूत किला रहा है, जहां कई इनामी नक्सली नेता एक्टिव रहते हैं। हाल ही में चाईबासा में सीआरपीएफ डीजी की अध्यक्षता में एक स्पेशल मीटिंग हुई थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई गई थी। इसी मीटिंग के बाद झारखंड और ओडिशा से भारी तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी, जिससे इस क्षेत्र से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

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