बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
धर्म, आस्था और एकता का महापर्व: राम नाम संकीर्तन, रैली और भव्य आयोजन में उमड़ा जनसैलाब
कुसमी। राम मंदिर में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के पावन अवसर पर कुसमी नगर में विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर पर पूरा कुसमी नगर भगवा ध्वज, पताकाओं और श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। नगर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

कार्यक्रम के अंतर्गत भव्य रैली निकाली गई, जिसमें राम भक्तों ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर जय श्री राम के जयकारे लगाए। रैली के दौरान राम नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और धर्म उद्घोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू समाज की सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष बसंती भगत, जनपद उपाध्यक्ष अशोक सोनी तथा नगर पंचायत उपाध्यक्ष आनंद जयसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इनके साथ कुसमी मंडल के समस्त पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के प्रमुख जन, संतगण एवं आसपास के गांवों से आए हजारों राम भक्तों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि हिंदू आस्था, संस्कृति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और सेवा का संदेश देता है, जिसे समाज के हर वर्ग को अपनाने की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक जयघोष जय श्री राम के साथ वातावरण भाव-विभोर हो उठा। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कुसमी नगर में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन धार्मिक सौहार्द, सामाजिक एकता और सनातन संस्कृति की मजबूती का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।







