देश आज पूरे उत्साह और गौरव के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता के महत्व को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में लिखा कि सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व भारत की आन-बान और शान का प्रतीक है और यह सभी नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा लेकर आए। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की कामना भी की।
उन्होंने आगे कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। अपने संदेश में उन्होंने संस्कृत श्लोक के माध्यम से स्वतंत्रता और एकता के महत्व को भी रेखांकित किया।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष की थीम पर होगा समारोह
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम पर आधारित है। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
परेड के दौरान भारत अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन करेगा। इसमें नई सैन्य टुकड़ियां, आधुनिक हथियार प्रणालियां और हालिया सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किए गए उपकरणों की झलक भी देखने को मिलेगी।
सुबह युद्ध स्मारक से होगी शुरुआत
गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की सुरक्षा में पारंपरिक बग्घी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचेंगे। यह समारोह सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और लगभग 90 मिनट तक चलेगा।
राष्ट्रपति ने पूर्व संध्या पर देश को किया संबोधित
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पावन अवसर हमें देश के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर चिंतन करने का अवसर प्रदान करता है। राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत ने आजादी हासिल की और तभी से देश अपनी राष्ट्रीय दिशा स्वयं तय कर रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारतीयों के हृदय में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जीवंत रखता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह गीत भारत माता के दिव्य स्वरूप का प्रतीक है और हर नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करता है।









