Home अंतर्राष्ट्रीय क्या जंग के कगार पर ईरान? अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती से...

क्या जंग के कगार पर ईरान? अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती से बढ़ी चिंता

80
0

मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर बेहद संवेदनशील होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अपने सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर समूहों में से एक USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group को अब ईरान के नजदीकी क्षेत्र में तैनात कर दिया है। इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल तेज हो गई है और यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह तैनाती क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने और संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि जानकार मानते हैं कि यह कदम ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।

कितना ताकतवर है USS Abraham Lincoln?

USS Abraham Lincoln (CVN-72) अमेरिकी नौसेना का निमिट्ज़-क्लास न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में गिना जाता है। यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 का नेतृत्व करता है और महीनों तक बिना ईंधन भरे ऑपरेशन करने में सक्षम है।

इस स्ट्राइक ग्रुप के साथ कई आधुनिक युद्धपोत भी तैनात हैं, जिनमें गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं। हाल ही में यह पूरा बेड़ा मलक्का जलडमरूमध्य से होकर मध्य पूर्व की ओर बढ़ा, जहां इसकी निगरानी और सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सैन्य संसाधन लगाए गए हैं।

ट्रंप प्रशासन की सख्त रणनीति

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से ही अमेरिका और ईरान के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर लगातार तेहरान पर दबाव बनाता रहा है।

ट्रंप पहले भी यह कह चुके हैं कि अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार है और उसकी सैन्य ताकत केवल चेतावनी देने के लिए भी काफी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती “शो ऑफ फोर्स” की नीति का हिस्सा हो सकती है, जिसका मकसद सीधे युद्ध से पहले रणनीतिक बढ़त बनाना है।

पेंटागन की बढ़ी हलचल

एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती के साथ ही पेंटागन ने पूरे क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। अतिरिक्त लड़ाकू विमानों, निगरानी ड्रोन और लॉजिस्टिक सपोर्ट के जरिए अमेरिका ने अपनी जवाबी क्षमता को मजबूत किया है। इससे अमेरिका को त्वरित हवाई कार्रवाई और सटीक हमलों के विकल्प मिल गए हैं।

ईरान की सख्त चेतावनी

अमेरिकी कदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उसके खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई होती है तो जवाब बेहद कड़ा होगा। इस बयान के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। खासकर तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता गहराने लगी है।

क्या बातचीत की गुंजाइश अब भी है?

हालांकि हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन अमेरिका की ओर से यह संकेत भी दिया गया है कि कूटनीति का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को शर्तें अच्छी तरह मालूम हैं और अब अगला कदम तेहरान को ही तय करना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here