रायपुर संवाददाता – रघुराज
भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन आधारित सभी उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा कर दी है। यह प्रतिबंध 21-22 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान मसाला, चबाने वाले तंबाकू और ई-सिगरेट जैसे सभी उत्पादों की बिक्री, भंडारण, वितरण और उपयोग पर पूर्ण रोक लगेगी।
स्वास्थ्य मंत्री देबमित्रा विश्वाल ने कहा, “यह निर्णय ओडिशा को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य में तंबाकू सेवन से प्रतिवर्ष 1.5 लाख से अधिक मौतें होती हैं।” WHO के आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा में 28% वयस्क तंबाकू का सेवन करते हैं, जो कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों का प्रमुख कारण है।
प्रतिबंध के प्रावधानों में सख्त सजा का उल्लेख है। पहली बार उल्लंघन पर 1-5 लाख रुपये जुर्माना और दोबारा अपराध पर 3-5 वर्ष की कैद। पुलिस, फूड सेफ्टी और स्वास्थ्य टीमें मिलकर छापेमारी करेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
सरकार ने प्रभावित व्यापारियों के लिए ‘स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षण योजना’ शुरू की है, जिसमें 50,000 लोगों को नई नौकरियां दी जाएंगी। स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश ने भी इसी तरह का कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ट्वीट कर कहा, “तंबाकू मुक्त ओडिशा हमारा संकल्प। युवा पीढ़ी को बचाना हमारी प्राथमिकता।” यह प्रतिबंध COTPA कानून को और सख्त बनाते हुए लागू होगा। विशेषज्ञों ने इसे ऐतिहासिक बताया है।









