रायपुर संवाददाता – रघुराज
राजधानी रायपुर में अपराध की दुनिया का कुख्यात नाम हिस्ट्रीशीटर सूदखोर रोहित तोमर आज पुरानी बस्ती थाने पहुंचा। लंबे समय से फरार चल रहे रोहित की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है, लेकिन कोर्ट के आदेश पर वे स्वयं पूछताछ के लिए हाजिर हुए। पुलिस ने उनसे तेलीबांधा, पुरानी बस्ती समेत विभिन्न थानों के 16 से अधिक मामलों में गहन पूछताछ शुरू कर दी है। इनमें चाकूबाजी, मारपीट, हत्या का प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे संगीन अपराध शामिल हैं।
रोहित तोमर का अपराधी रिकॉर्ड लंबा और खौफनाक है। पिछले साल राजधानी के कई इलाकों में उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों ने पुलिस को मुश्किल में डाल दिया था। सूदखोरी का धंधा चलाने वाले रोहित ने कर्जदारों को ऊंची सूद पर लोन देकर ब्लैकमेल किया, विरोध करने वालों पर चाकू से हमला किया। तेलीबांधा थाने में एक मामले में तो हत्या का प्रयास भी दर्ज है, जहां पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। पुरानी बस्ती क्षेत्र में उसकी गुंडागर्दी से व्यापारी और आम नागरिक दहशत में जी रहे थे। रोहित के बड़े भाई रूबी उर्फ वीरेंद्र तोमर को पिछले साल 8 नवंबर को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन रोहित पुलिस की पकड़ से बचता रहा।
पुलिस की नाकामी के बीच रोहित ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए निर्देश दिया कि वे पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग करें। सुप्रीम कोर्ट के विद्वान जज ने स्पष्ट कहा कि रोहित को थाने में पेश होकर पूछताछ करनी होगी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं होगी। इस आदेश के बाद आज दोपहर रोहित अपने वकील के साथ पुरानी बस्ती थाने पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने उनसे कई घंटों तक सवाल-जवाब किए। थाना प्रभारी ने बताया, “रोहित से सभी मामलों के सबूत मांगे गए हैं। वे कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं, लेकिन जांच सख्ती से जारी रहेगी।”
यह घटना रायपुर की कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है। हिस्ट्रीशीटरों के फरार रहने से आमजन में भय व्याप्त है। स्थानीय व्यापारी संगठन ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो। पुलिस आयुक्त ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए हम जांच को तेज करेंगे। रोहित जैसे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।” रोहित के पेश होने से पीड़ितों में कुछ राहत है, लेकिन पूर्ण न्याय तक सबकी निगाहें पुलिस पर टिकी हैं।
पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों की मांग है कि उसने पैसे देके गिरफ्तारियां होने से बचा लिया है दोबारा जुलूस निकलना चाहिए









