रायपुर संवाददाता – रघुराज
गरियाबंद, 30 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ शासन ने राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026 की धार्मिक गरिमा, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के आदेशानुसार 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक राजिम कुंभ मेला क्षेत्र को शुष्क दिवस घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मेला की पवित्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
आदेश के अनुसार, जिला रायपुर के नवापारा, जिला धमतरी के मगरलोड तथा जिला गरियाबंद के राजिम क्षेत्र में शुष्क दिवस लागू होगा। इन क्षेत्रों में देशी-विदेशी मदिरा की सभी फुटकर दुकानें, होटल-बार, रेस्टॉरेंट-बार, क्लब तथा भांग/भांगघोटा की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। आबकारी विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करने से लेकर जुर्माना और कानूनी कार्यवाही शामिल है।
राजिम कुंभ मेला छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जो संगम तट पर लाखों भक्तों को आकर्षित करता है। इस बार महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को चरमोत्कर्ष होगा, जब देशभर से शिवभक्त यहां स्नान और पूजन के लिए उमड़ेंगे। शासन का यह फैसला मेला क्षेत्र में शराब सेवन से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए है। पिछले वर्षों में भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत हुई। गरियाबंद कलेक्टर ने बताया कि पुलिस, आबकारी और अन्य विभाग मिलकर निगरानी रखेंगे। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी क्षेत्र की नजर रखी जाएगी।
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। राजिम के एक प्रमुख होटल मालिक ने कहा, “यह कदम मेला की पवित्रता के लिए सही है। हम पहले से ही शराब पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।” वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी। एक महिला भक्त ने कहा, “धार्मिक मेलों में शराब का सेवन अनुचित है, यह प्रतिबंध सराहनीय है।”
छत्तीसगढ़ सरकार ने मेला प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि मेला शांतिपूर्ण और भव्य हो। आबकारी विभाग के निदेशक ने कहा, “शुष्क दिवस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अवैध शराब तस्करी पर नजर रखी जा रही है।”
यह निर्णय न केवल धार्मिक आयोजन को मजबूत करेगा, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देगा। राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, जहां लाखों लोग आस्था का पर्व मनाते हैं। शुष्क दिवस से अपराध दर में कमी की उम्मीद है। मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नियमों का पालन करें और मेला का आनंद लें।










