अर्जुन झा/दल्ली राजहरा |
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ में शासकीय शराब दुकानों को खुला रखे जाने के फैसले को लेकर सियासत गरमा गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा ने भाजपा सरकार के इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है और इसे महात्मा गांधी के विचारों के विरुद्ध बताया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी शराब को व्यक्ति और समाज के नैतिक पतन का बड़ा कारण मानते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में शराबबंदी आंदोलन को सामाजिक सुधार का अहम माध्यम बनाया, जिससे प्रेरित होकर आज भी सरकारें और गैर-सरकारी संगठन नशामुक्ति अभियान चला रहे हैं। ऐसे में गांधी जी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानों को बंद न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और विरोधाभासी निर्णय है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि स्वयं को हिंदू धर्म, संस्कृति और राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा प्रतिनिधि बताने वाली आरएसएस और उसकी राजनीतिक शाखा भाजपा ने गांधी जी के सबसे बड़े विरोधी माने जाने वाले सामाजिक बुराई को बढ़ावा देने वाला कदम उठाया है। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के हितों के खिलाफ है और इससे भाजपा व आरएसएस की असली सोच उजागर होती है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि जब पूरा देश और विश्व गांधी जी की पुण्यतिथि पर सत्य और अहिंसा के उनके विचारों को याद कर रहा है और वैश्विक तनाव व युद्ध की आशंकाओं के समाधान के लिए गांधी दर्शन की ओर देख रहा है, ऐसे समय में शराब दुकानों को खुला रखना न सिर्फ गांधी जी के प्रति असम्मान है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, ग्राम स्वराज और राम राज्य की अवधारणा के प्रति भी विरोध को दर्शाता है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा ने भाजपा सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व में आस्था रखने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाएं।







