अर्जुन झा/जगदलपुर:-
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी “उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026” को तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की मांग को लेकर बस्तर जिले में सर्व आदिवासी समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन बस्तर जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री जी तक पहुंचाने का अनुरोध किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी द्वारा जारी यह विनियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समता, समान अवसर और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय पहल है। समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा परिसरों में सामाजिक न्याय, समानता और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की अत्यंत आवश्यकता है, जिसे यह विनियम प्रभावी रूप से साकार कर सकता है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि इस विनियम के मूल उद्देश्य—सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध
कराना, भेदभाव को समाप्त करना तथा शैक्षणिक परिसरों में सौहार्दपूर्ण वातावरण का निर्माण—देश के संविधानिक मूल्यों के अनुरूप हैं। यदि इसे शीघ्र और सख्ती से लागू किया जाता है, तो इससे विशेष रूप से आदिवासी, वंचित और पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में आत्मविश्वास और सुरक्षा का अनुभव होगा। सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि आज भी कई उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों के मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में यूजीसी समता विनियम 2026 का तत्काल क्रियान्वयन समय की मांग है। इससे न केवल छात्रों के अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में लोकतांत्रिक और समावेशी संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी। ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में यह विनियम प्रभावी रूप से लागू हो सके।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में संभागीय अध्यक्ष संतू मौर्य, माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष राजू बघेल, बसंत कश्यप, लखेश्वर कश्यप, पूरन सिंह कश्यप सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









