महासमुंद सम्वाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
महासमुंद | 31 जनवरी 2026
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार महासमुंद जिले में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, सुव्यवस्थित व्यवस्था और प्रशासनिक सक्रियता के साथ संपन्न हुआ। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की सतत निगरानी और मार्गदर्शन में जिले ने धान उपार्जन के क्षेत्र में प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया है।
31 जनवरी की स्थिति में महासमुंद जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 1 लाख 48 हजार 418 किसानों से कुल 10 लाख 187 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि जिले के किसानों की मेहनत और प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है।
धान खरीदी में
* मोटा धान – 8,17,029 मीट्रिक टन,
* पतला धान – 32.80 मीट्रिक टन,
* सरना धान – 1,83,125 मीट्रिक टन शामिल है।
अब तक जिले में कुल 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) जारी किया जा चुका है। इसके विरुद्ध जिले की 333 मिलों के माध्यम से 2 लाख 97 हजार 449 मीट्रिक टन धान का उठाव भी पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष धान के परिवहन और मिलिंग की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह स्वयं कई धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने धान की गुणवत्ता, तौल व्यवस्था, भंडारण और परिवहन व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
कलेक्टर ने कहा कि “धान खरीदी शासन की प्राथमिक योजना है। किसानों का हित सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, नियमित निरीक्षण, तकनीकी समन्वय और फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की सक्रियता सुनिश्चित की गई, जिससे खरीदी केंद्रों पर समय पर तौल, भुगतान और परिवहन व्यवस्था सुचारु रही।
प्रशासन ने बताया कि आगे भी धान के भंडारण, परिवहन और मिलिंग कार्य में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिले और शासन की योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचे।







