सरगुजा संवाददाता – अजय गौतम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक बजट—आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण और सभी वर्गों के सशक्तिकरण पर केंद्रित
अंबिकापुर ।
आज संकल्प भवन भाजपा कार्यालय में प्रदेश के वित्तमंत्री एवं सरगुजा के प्रभारी मंत्री ओ. पी. चौधरी ने केंद्रीय बजट 2026–27 पर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर, महापौर मंजूषा भगत, युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, बस्तर संभाग सह प्रभारी हरपाल सिंह भामरा, महामंत्री विनोद हर्ष एवं अरुणा सिंह, संवाद प्रमुख रूपेश दुबे, अभिषेक शर्मा तथा रवींद्र तिवारी की विशेष उपस्थिति रही।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार के दूरदर्शी और निर्णायक कदमों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था ने स्थिर विकास, कम मुद्रास्फीति और मजबूत आधार के साथ निरंतर प्रगति की है। सरकार ने अस्पष्टता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, व्यवस्थागत लापरवाहियों में सुधार और लोक-भावनाओं को प्राथमिकता देकर सुशासन की नई मिसाल कायम की है।

उन्होंने कहा कि 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 350 से अधिक सुधारों को लागू किया गया है, जिनमें जीएसटी का सरलीकरण, श्रम संहिताओं की अधिसूचना, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का युक्तिकरण शामिल है। इन सुधारों से ईजी ऑफ़ लिविंग और ईजी ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को नई गति मिली है।
वित्तमंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026–27 सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्यों—आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण और सभी के लिए अवसर—पर केंद्रित है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक विकास में तेजी और निरंतरता को ले कर बजट में 6 प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है जिनमें बायो फार्मा शक्ति के तहत 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का निवेश, आई एस एम 2.0 की शुरुआत, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹40,000 करोड़, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर , स्मार्ट केमिकल पार्क, 2 हाई-टेक टूल रूम व सी आई ई, कंटेनर निर्माण के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन शामिल है
कपड़ा क्षेत्र के लिए उन्होंने बताया कि
राष्ट्रीय फाइबर योजना, समर्थ 2.0, टेक्स-इको पहल, बुनकरों एवं कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प कार्यक्रम और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल बजट में शामिल है ।
आगे उन्होंने कहा कि ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड, आत्मनिर्भर भारत फंड में ₹2,000 करोड़, TReDS को सशक्त बनाना और टियर-II व टियर-III शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’, ₹12.2 लाख करोड़ का सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, राज्यों को ₹1.85 लाख करोड़ की सहायता तथा जीडीपी का 4.4% प्रभावी कैपेक्स और 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, सी सी यू एस तकनीक के लिए 5 वर्षों में ₹20,000 करोड़, शहरी विकास व हाई-स्पीड रेल
City Economic Region (CER) के लिए प्रति क्षेत्र ₹5,000 करोड़ तथा 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर—दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी सहित अन्य प्रमुख मार्ग इस बजट में शामिल है ।
लोगों की आकांक्षाएं और क्षमता निर्माण पर उन्होंने बताया कि 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, 1.5 लाख केयरगिवर्स, 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब, 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, औद्योगिक गलियारों के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, खेलो इंडिया मिशन, राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान और 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास को इस बजट में शामिल किया गया है ।
ओ पी चौधरी ने कहा कि सभी के लिए संसाधन और अवसर को लेकर उच्च मूल्य फसलें, भारत-विस्तार योजना, मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला सुदृढ़, महिला व दिव्यांगजन के लिए सी -मार्ट्स , दिव्यांगजन कौशल योजना और दिव्यांग सहारा योजना, पूर्वोत्तर व वित्तीय क्षेत्र के लिए एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारा, 4,000 ई-बस, म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोत्साहन और निवेश सीमा में वृद्धि शामिल है ।
कर के लिए उन्होंने बताया कि कस्टम प्रक्रिया सरल, सिंगल डिजिटल विंडो, कैंसर सहित 17 दवाओं पर शुल्क छूट, आयातित वस्तुओं पर टैरिफ में कमी जैसे विषय शामिल हैं तथा मोटर दुर्घटना मुआवजा ब्याज कर-मुक्त, LRS के तहत TCS घटाकर 2%, तकनीकी चूक अपराध की श्रेणी से बाहर, सहकारी समितियों को राहत, MAT दर 15% से घटाकर 14% का प्रावधान है ।
वित्तमंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा, एमएसएमई और मध्यम वर्ग को केंद्र में रखकर बनाया गया है और भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध व विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।









