-ग्रामसभाको ताकतवर बनाने की उठी मांग
अर्जुन झा/जगदलपुर। बस्तर jile की जनपद पंचायत तोकापाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत रान सरगीपाल, चित्रधारा में सर्व आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समाज में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, सामाजिक सशक्तिकरण पर चर्चा करना तथा ऐतिहासिक भूमकाल दिवस को प्रभावी और संगठित रूप से मनाने के लिए रणनीति तैयार करना रहा।
बैठक में समाज के प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवा प्रतिनिधियों एवं महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति देखने को मिली।बैठक के दौरान प्रकाश ठाकुर ने सामाजिक सर्वेक्षण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि समाजिक सर्वे अब डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे समाज की वास्तविक स्थिति, जरूरतों और समस्याओं का सटीक आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक का सही उपयोग समाज को संगठित करने का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। इस सर्वेक्षण में युवाओं की भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताते हुए उन्होंने युवाओं से आगे आने का आह्वान किया, ताकि भविष्य की योजनाओं को ठोस आधार मिल सके। सामाजिक कार्यकर्ता तुलसी ठाकुर ने ग्रामसभा की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा को स्व शासन की दिशा में एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करना चाहिए। बस्तर क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां मौजूद हैं, जिनका समाधान तभी संभव है जब ग्रामसभा सशक्त और आत्मनिर्भर होगी। उन्होंने कहा कि स्वशासन के माध्यम से समाज अपने निर्णय स्वयं ले सकेगा और विकास की दिशा तय कर पाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव सोरी ने समाज में सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वराज की कल्पना केवल विचारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहारिक रूप से लागू करना होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप चलकर ही ग्राम सभा को स्वशासन की ओर ले जाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से समाज में जागरूकता फैलाने, आपसी एकता बनाए रखने और सामाजिक बदलाव के वाहक बनने का आग्रह किया। युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष बसंत कश्यप ने संगठनात्मक मजबूती पर अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था एवं सहयोग राशि एकत्रित करना आवश्यक है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहयोग करना चाहिए, ताकि सामाजिक गतिविधियाँ निरंतर और प्रभावी रूप से चलती रहें। बैठक में संतु मौर्य ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि युवाओं को सामाजिक स्तर पर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि युवा संगठित होकर लक्ष्य निर्धारित करें और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। युवाओं की ऊर्जा और सोच समाज के भविष्य की दिशा तय कर सकती है। बैठक के अंत में सभी उपस्थितजनों ने एकजुट होकर समाज के उत्थान, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, स्वशासन को मजबूत करने तथा भूमकाल दिवस को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। यह बैठक बस्तर के आदिवासी समाज के लिए एक सकारात्मक, प्रेरणादायक और दिशा देने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है। इस अवसर पर प्रकाश ठाकुर, तिमोती लकड़ा, गंगा नाग, संतू मौर्य, बसंत कश्यप, लक्ष्मीनाथ कश्यप, तुलसी मंडावी, हेमराज बघेल, लंबोदर बघेल, किरण मौर्य, प्रज्ञा मंडावी, साहदई गोयल, संतोषी नाग, बामदेव भारती, कमलेश कश्यप, लखेश्वर कश्यप, बानसिंह मौर्य, रूपचंद्र नाग, पूरन सिंह कश्यप सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।









