संवाददाता युसूफ खान
कुसमी बलरामपुर
डीएफओ बोले— रेंजर लौटते ही होगी जांच, अवैध कटाई व ईंट भट्टों पर सख्त कार्रवाई तय
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने उठाई कार्रवाई की मांग, कहा— नियमों के तहत हो दोषियों पर कठोर कदम
चांदो। बलरामपुर जिले के ब्लॉक चान्दों वन परिक्षेत्र में अवैध वृक्ष कटाई का गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। क्षेत्र में ईंट भट्टों के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर बहुमूल्य साल जैसे संरक्षित और वर्षों पुराने वृक्षों की खुलेआम कटाई की जा रही है। यह अवैध गतिविधि लंबे समय से जारी बताई जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चान्दों वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह क्षेत्र में वन भूमि का बड़े पैमाने पर दोहन किया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 15 लोगों का एक संगठित समूह अवैध रूप से ईंट भट्टों का संचालन कर रहा है, जिनके लिए साल के विशाल और बहुमूल्य वृक्षों को बेरहमी से काटा जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि__
यह पूरा खेल वन विभाग की जानकारी के बिना संभव नहीं हो सकता। ग्रामीणों का कहना है, कि अवैध कटाई और ईंट भट्टों के संचालन में विभाग के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता की भी चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। विशेष रूप से फॉरेस्ट दरोगा की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है और उनकी कार्यशैली को संदेह के घेरे में बताया जा रहा है।
वन संपदा की इस खुली लूट से न केवल पर्यावरणीय संतुलन को भारी क्षति पहुंच रही है, बल्कि शासन की वन संरक्षण नीति पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर वन भूमि का इस प्रकार दोहन प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

इस पूरे मामले में जब डीएफओ बलरामपुर से फोन पर जानकारी ली गई__
तो उन्होंने बताया कि चांदो रेंजर फिलहाल मुख्यालय से बाहर हैं, जो कल तक लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही माइनिंग विभाग को भी अवगत कराया गया है। अवैध रूप से जंगलों की कटाई करने और ईंट भट्टों में लकड़ी का उपयोग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस संबंध में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल्ला खान ने भी बयान जारी कर कहा कि___
अवैध लकड़ी कटाई, गैरकानूनी ईंट भट्टों के संचालन और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ विभाग को नियमों के तहत कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लग सके।
फिलहाल मामला बलरामपुर जिले के ब्लॉक चान्दों वन परिक्षेत्र का है, जहां वन संपदा की खुलेआम लूट जारी है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नींद से जागते हैं और अवैध कटाई में शामिल दोषियों पर कब प्रभावी कार्रवाई होती है।









