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एनएमडीसी किरंदुल में “आपदा से पहले तैयारी” का विराट प्रदर्शन

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एनडीआरएफ–सीआईएसएफ की संयुक्त मॉक ड्रिल ने सुरक्षा व्यवस्था को दिया नया भरोसा

हारून रशीद| किरन्दुल। 2 फरवरी
आपदा कभी सूचना देकर नहीं आती—लेकिन अगर तैयारी मजबूत हो, तो संकट भी हार मान लेता है।
एनएमडीसी किरंदुल परियोजना में सोमवार को कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब प्रशासनिक भवन स्थित ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में आग लगने और भवन के दुर्घटनाग्रस्त होने की परिकल्पना पर आधारित जॉइंट मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का आयोजन किया गया।

यह अभ्यास केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की वास्तविक परीक्षा थी, जिसमें एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, पुलिस-प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमों ने एक साथ मोर्चा संभालकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

सायरन बजते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

जैसे ही आपात स्थिति का संकेत मिला, पूरे परिसर में प्रशिक्षित कार्रवाई शुरू हो गई।
त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्य, घायलों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार, क्षेत्र की घेराबंदी और समन्वित ऑपरेशन— हर चरण को वास्तविक परिस्थितियों की तरह अंजाम दिया गया।

ड्रिल के दौरान यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि—
किरंदुल की औद्योगिक सुरक्षा अब केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता है।

एनडीआरएफ–सीआईएसएफ सहित कई एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी

इस संयुक्त अभ्यास में प्रमुख रूप से शामिल रहीं—

* राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) 03 बटालियन, मुंडेली कटक (ओडिशा)

* केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), एनएमडीसी किरंदुल

* स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन

* बीडीडीएस दंतेवाड़ा

* अग्निशमन शाखा

* अन्य संबंधित विभाग एवं एजेंसियां

ड्रिल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित समन्वय स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

कमांड स्तर पर हुआ संचालन, वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस मॉक ड्रिल का सफल आयोजन सीआईएसएफ कमांडेंट एवं असिस्टेंट कमांडेंट के निर्देशन में किया गया।

मौके पर उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में—

* सीआईएसएफ कमांडेंट इरफान अहमद

* सहायक कमांडेंट गोपी कृष्ण बी

* फायर इंचार्ज सुनील सोरेन

* एनडीआरएफ टीम इंचार्ज ए.के. लाम्बा

* बीडीडीएस इंचार्ज निर्मल सिंह

* परियोजना अस्पताल सीएमओ डॉ. एम.वी. लाल

* उप महाप्रबंधक (एचआर) तनवीर जावेद

* उप महाप्रबंधक अविनाश शर्मा

* एएसआई के सीमाचलम

* सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मिली मजबूती

इस अभ्यास ने साबित किया कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, अनुशासन और संयुक्त समन्वय से सुनिश्चित होती है।

एनएमडीसी किरंदुल जैसी संवेदनशील परियोजना में इस प्रकार की मॉक ड्रिल भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है।

खास बात

संकट से पहले सतर्कता
रेस्क्यू टीमों का समन्वय
प्राथमिक उपचार एवं राहत कार्य
सुरक्षा व्यवस्था का जीवंत अभ्यास

निष्कर्ष

एनएमडीसी किरंदुल में आयोजित यह मॉक ड्रिल एक उच्च स्तरीय आपदा प्रबंधन अभ्यास के रूप में याद की जाएगी—
जहां तैयारी ने भय को परास्त किया और सुरक्षा ने भरोसे को मजबूत किया।

“आपदा आए तो घबराना नहीं—तैयार रहना है।”

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