बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= रेत का अवैध खनन और परिवहन, ग्रामीणों ने पकड़ा मामला =
बकावंड। मरखंडी नदी के बनियागांव डोंगाघाट क्षेत्र में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम जेसीबी मशीन से रेत खनन कर हाइवा और टिप्परों में उसका परिवहन कर रहे थे। यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन इस बार ग्रामीणों की सतर्कता ने रेत माफियाओं की पोल खोल दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मरखंडी नदी घाट से दिन दहाड़े जेसीबी की मदद से रेत निकाली जा रही थी और उसे बड़े-बड़े हाइवा ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जा रहा था। जब आसपास के ग्रामीणों ने भारी वाहनों की आवाजाही और नदी से लगातार रेत निकाले जाने का संदेह हुआ तो उन्होंने गाड़ियों को रास्ते में रोक लिया और इसकी सूचना भानपुरी तहसीलदार को दी। सूचना मिलते ही भानपुरी तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेत खदान का निरीक्षण किया। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। मौके पर रेत से भरा एक हाइवा टिप्पर और उत्खनन में प्रयुक्त जेसीबी मशीन को जप्त कर लिया गया।

प्रशासन द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर माइनिंग एक्ट और खनिज अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते वे सतर्कता नहीं दिखाते, तो इस क्षेत्र से करोड़ों रुपये की सरकारी रेत माफियाओं द्वारा लूट ली जाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में स्थायी निगरानी व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लग सके। यह कार्रवाई न केवल रेत माफियाओं के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब जनता जागरूक होती है, तो बड़े से बड़ा गैरकानूनी खेल भी बेनकाब हो जाता है।









