जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा।
ग्राम पंचायत कुरमा संत शिरोमणि, समाज सुधारक एवं सत्य के उपासक सत्य शोधक बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के अवसर पर ग्राम कुरमा में 10, 11 एवं 12 फरवरी 2026 को तीन दिवसीय भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर पूरे ग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है।
गुरुद्वारा द्वारा याददस्त समिति एवं समस्त ग्रामवासी कुरमा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है।
प्रथम दिवस : 10 फरवरी 2026
समारोह के प्रथम दिवस का शुभारंभ गरिमामय अतिथियों की उपस्थिति में होगा।
इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में मा. राघवेन्द्र कुमार सिंह जी (विधायक, अकलतरा) उपस्थित रहेंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मा. कन्हैया लाल राठौर जी (पूर्व अध्यक्ष, जनपद पंचायत बलौदा) तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता मा. बलराम खुँटे जी (सरपंच, ग्राम पंचायत कुरमा) द्वारा की जाएगी।
इस अवसर पर बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
द्वितीय दिवस : 11 फरवरी 2026
दूसरे* दिन विरेंद्र चतुर्वेदी सांस्कृतिक लोक कला मंच, रंग-रंजन झाल, बिल्हा द्वारा भव्य रात्रिकालीन सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी।
लोक कला, गीत-संगीत एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा गुरु घासीदास जी के जीवन दर्शन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
तृतीय दिवस : 12 फरवरी 2026
समारोह के समापन दिवस पर ध्वज रोहण एवं इनामी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में मा. गुरु खुशवंत साहेब जी (कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन) की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में—
मा. श्रीमती कमलेश जांगड़े जी (सांसद, जांजगीर-चांपा लोकसभा)
मा. श्रीमती कमला देवी पाटले जी (पूर्व सांसद)
मा. श्रीमती सत्यलता आनंद प्रकाश मिरी जी (अध्यक्ष, जिला पंचायत जांजगीर-चांपा)
मा. श्रीमती बबिता रविचंद्र राठे जी (सभापति, जिला पंचायत)
मा. श्रीमती अहिल्या जगदीश खांडे जी (जनपद सदस्य, बलौदा)
उपस्थित रहेंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुनः मा. बलराम खुँटे जी द्वारा की जाएगी।
समाज को एकता का संदेश
आयोजन समिति ने बताया कि यह जयंती समारोह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, समानता और भाईचारे का संदेश देने का माध्यम है। बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्श आज भी समाज को दिशा दिखाने वाले हैं।
आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।









