बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
बस्तर की आवाज तेलंगाना में छुपे नक्सलियों तक पहुंचे: शाह
राष्ट्रपति भवन में बिखरेगी बस्तरिहा लोक संस्कृति की निराली छटा
जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को जगदलपुर में कहा कि बस्तर की परंपराएं, कला, संस्कृति और जीवनशैली का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं है।यहां की लोक संस्कृति और कलाएं हमारी भारत माता के आभूषण हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर पंडुम में प्रथम तीन स्थान प्राप्त कलाकार और दलों को राष्ट्रपति भवन में कला प्रदर्शन का मौका मिलेगा। इसके लिए राष्ट्रपति महोदया ने सहमति दे दी है। अमित शाह ने नक्सलियों के तेलंगाना में छुपे होने की बात भी कही।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को जगदलपुर में तीन दिन से चल रहे बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता और दंतेश्वरी मैय्या के जयकारे लगवा कर की। भीड़ से जब जयकारे की आवाज कम आई तो श्री शाह ने अपील करते हुए कहा कि इतनी जोर के जयकारे लगाएं कि आवाज तेलंगाना में छुपे नक्सलियों तक पहुंचे। बता दें कि एक दिन पहले ही अमित शाह ने रायपुर में कांग्रेस और उसकी सरकार पर नक्सलियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। अपने संबोधन की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अमित शाह ने कहा कि बस्तर पंडुम में जो कुछ भी देखने को मिला, वह अद्वितीय है। बस्तर की कलाओं, संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली का पूरी दुनिया में कोई मुकाबला नहीं है। यहां की कला संस्कृति बस्तर के ही नहीं भारत माता के आभूषण हैं। इसे सहेजने का बड़ा काम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी सरकार ने किया है।
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी भी जनजातीय लोक परंपराओं और कला संस्कृति के संवर्धन संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। जनजातीय जननायकों के देश की आजादी और लोक उत्थान में योगदान का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि इतिहास वो नहीं, जो किताबों में लिखा गया है, बल्कि इतिहास वो है जो आज भी जन जन के दिलो दिमाग पर जीवित है। हमारे जनजातीय नायकों के योगदान को चिरस्मरणीय बनाए रखने के लिए हमारे प्रधानमंत्री मोदीजी ने बड़ी पहल की है। बस्तर की मौजूदा कई जनजातीय विभूतियों को पद्म सम्मान दिए गए हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर का जनजातीय समाज अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं के लिए पहचाना जाता है। बस्तर पंडुम ने इस बात को साबित कर दिया है। अमित शाह ने घोषणा की कि बस्तर पंडुम 2026 में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कलाकारों व दलों को राष्ट्रपति भवन में कला प्रदर्शन का मौका मिलेगा, जहां से उनकी कला का जादू पूरी दुनिया में बिखरेगा। श्री शाह ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति महोदया से निवेदन किया था, जिसे राष्ट्रपति महोदया ने स्वीकार कर लिया है।
साय-शर्मा की तारीफ, देव राजा साहब
संबोधन की शुरुआत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उपस्थित जनसमुदाय से भारत माता और बस्तर की आराध्य देवी दंतेश्वरी मैय्या के जयकारे लगवाए। बस्तर से भागे हुए नक्सलियों के तेलंगाना में छुपे होने की बात कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन और जनजातीय कला, संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के नामों का बार उल्लेख किया। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव का नाम लेते हुए अमित शाह ने उन्हें राजा साहब कहकर पुकारा। दंतेवाड़ा जिले की उल्लेखनीय सहभागिता के लिए दंतेवाड़ा के लोगों को शाह ने बधाई भी दी।









