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छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, 98 प्रतिशत नोटिसों पर सुनवाई पूरी; 21 फरवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। राज्यभर में जारी किए गए नोटिसों में से अब तक लगभग 98 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत SIR-2026 के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके बाद 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करने की अवधि निर्धारित की गई थी। फिलहाल प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई और दस्तावेज़ों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी।

दस्तावेज़ सत्यापन के बाद लिया जा रहा अंतिम निर्णय

गणना चरण के दौरान जिन मतदाताओं का विवरण वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से मेल नहीं खा पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए गए। इन मतदाताओं को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया।

सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 स्वीकृत दस्तावेज़ों में से आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए। नियमानुसार जांच के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल करने या न करने का निर्णय ERO द्वारा लिया जा रहा है।

दावा-आपत्ति के लिए इन प्रपत्रों का हुआ उपयोग

ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में दर्ज नहीं था, उन्होंने

नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6,

विवरण में संशोधन के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-8,

और नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-7 जमा किए।

राजनीतिक दलों को भी रखा गया जानकारी में

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दावा-आपत्ति अवधि के दौरान विधानसभा स्तर पर साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्राप्त दावों और आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में सहयोग मिल सके।

21 फरवरी को होगा अंतिम प्रकाशन

सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई पूरी होने के बाद पात्र आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है। 21 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसे कोई भी नागरिक देख सकता है।

नाम विलोपन को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें भ्रामक

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के तहत होती है। किसी मतदाता का नाम केवल तीन परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है—

मतदाता की मृत्यु होने पर

स्थायी रूप से निवास स्थान बदलने पर

नाम दोहरा (डुप्लिकेट) पाए जाने पर

अपील का भी है प्रावधान

यदि कोई मतदाता ERO के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो उसे अपील का अधिकार प्राप्त है—

प्रथम अपील: जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष

द्वितीय अपील: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष

यह पूरी प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 27 के अनुसार की जाती है।

अफवाहों से दूर रहने की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ यशवंत कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। मतदाता सूची से जुड़ी सहायता के लिए नागरिक निर्वाचन आयोग की वेबसाइट, संबंधित बीएलओ या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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