भरतपुर संवाददाता – जवाहर यादव
भरतपुर क्षेत्र में बनास नदी के किनारे स्थित वन भूमि पर लगातार अवैध रेत उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में वन विभाग और ग्राम पंचायत भरतपुर की मिलीभगत से रेत का उत्खनन और भंडारण धड़ल्ले से किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वन भूमि पर भारी मशीनों की सहायता से रेत निकाली जा रही है और उसे खुलेआम एकत्र कर भंडारित किया जा रहा है। बावजूद इसके वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग की यह चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर किसके संरक्षण में वन भूमि से अवैध रेत उत्खनन और भंडारण किया जा रहा है? क्या नियम-कानून केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं?
अवैध रेत उत्खनन से एक ओर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, तो दूसरी ओर सरकारी राजस्व को भी हानि हो रही है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी मौन बने हुए हैं।
अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद प्रशासन और वन विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर यह अवैध गतिविधि यूं ही जारी रहेगी।









