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सलमा सुल्ताना हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा, चश्मदीद गवाह के बयान से कोर्ट में हलचल

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कोरबा। विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सलमा सुल्ताना हत्याकांड की सुनवाई के दौरान सोमवार को मामला नया और चौंकाने वाला मोड़ लेता दिखा। अदालत में पेश हुई एक चश्मदीद गवाह (काल्पनिक नाम डिंपल सिंह) ने जो बयान दर्ज कराया, उसने कोर्ट कक्ष में मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया।

गवाह ने दावा किया कि अक्टूबर 2018 में कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपी जिम ट्रेनर मधुर साहू शव को अपनी गोद में लिए बैठा था। उसके हाथ में सिगरेट थी और वह “तुझसे नाराज़ नहीं जिंदगी…” गीत गुनगुना रहा था, जो मृतका का पसंदीदा बताया गया।

लिव-इन संबंध और विवाद की पृष्ठभूमि

25 वर्षीय सलमा सुल्ताना कुसमुंडा स्थित एसईसीएल कॉलोनी की निवासी थीं और मीडिया क्षेत्र में करियर बना रही थीं। इसी दौरान उनकी पहचान जिम ट्रेनर मधुर साहू से हुई। दोनों शारदा विहार क्षेत्र में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।

जांच के अनुसार, आरोपी के अन्य युवतियों से संबंध होने और पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद होते थे।

हत्या की रात का घटनाक्रम

गवाह के अनुसार, दशहरे के एक-दो दिन बाद अक्टूबर 2018 में दोनों के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि मधुर ने सलमा के साथ मारपीट की और गला दबाया। बीच-बचाव के बावजूद कथित रूप से दोबारा हमला किया गया। सह-आरोपी कौशल श्रीवास पर तकिए से मुंह दबाने का आरोप है, जबकि मधुर के गला दबाने का दावा किया गया है। गवाह और एक घरेलू सहायिका को कथित रूप से धमकाकर चुप कराया गया।

सबूत मिटाने की कोशिश

अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। सलमा की स्कूटी घर के पास छोड़ी गई, मोबाइल से भ्रामक संदेश भेजे गए और रेलवे स्टेशन के पास फोन बंद किया गया। शव को पहले एक स्थान पर दफनाया गया, बाद में दर्री-कोरबा मार्ग स्थित भवानी मंदिर के पास दोबारा दफनाया गया। बाद में उसी स्थान पर फोरलेन सड़क निर्माण हो गया।

पांच साल बाद खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के एक करीबी ने कथित तौर पर नशे की हालत में हत्या की जानकारी उजागर की। लेन-देन विवाद के बाद पुलिस को सूचना दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि सलमा के नाम से बैंक लोन जारी था, जिसकी किस्तें नियमित जमा हो रही थीं।

तकनीकी जांच से मिला सुराग

2023 में पुलिस ने सैटेलाइट इमेजिंग, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार की मदद से खुदाई कर कंकाल बरामद किया। डीएनए जांच में उसकी पहचान सलमा सुल्ताना के रूप में हुई।

गिरफ्तारी और जमानत

2023 में मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा को गिरफ्तार किया गया। हालांकि प्रारंभिक चरण में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के कारण 2024-25 में आरोपियों को जमानत मिल गई।

विशेष लोक अभियोजक सुनील सोनवानी के अनुसार, अब अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं और चश्मदीद गवाह की ताजा गवाही मामले में निर्णायक साबित हो सकती है।

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