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जंगल में बना था नक्सली कमांडर बसव राजू का स्मारक, सुरक्षा बलों ने कर दिया जमींदोज

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा 

= नक्सलियों के लगाए 35 किलो के आइईडी को किया गया नष्ट =
जगदलपुर। एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने बीजापुर जिले में दो बड़ी कार्रवाईयों को अंजाम दिया है। नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों के बड़े वाहनों को विस्फोट से उड़ाने के इरादे से सड़क के नीचे प्लांट किए गए 35 किलोग्राम के आइईडी को समय रहते ढूंढ कर नष्ट कर दिया गया और मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात नक्सली लीडर बसव राजू के स्मारक एवं कुछ अन्य नक्सली स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया। प्लांट किए गए आईईडी बड़ी जनहानि का कारण बन सकता था।


मुदरदंडा तुमनार मार्ग पर पक्की सड़क के नीचे गहरा गड्ढा खोद कर लगाए गए 35 किलो वजनी आईईडी को डिमाईनिंग के दौरान डिटेक्ट कर लिया गया। जवानों ने आईईडी को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन आईईडी ज्यादा गहराई में लगे होने से सुरक्षा की दृष्टिकोण से मौके पर ही उसे नष्ट कर दिया गया।माओवादियों द्वारा बड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से स्वीच सिस्टम से आइईडी सड़क के नीचे काफी गहराई में प्लांट किया गया था। सुरक्षा बलों की सतर्कता एवं सूझबूझ से माओवादियों के नापाक मंसूबो को विफल किया गया। आईईडी नष्टीकरण के दौरान विस्फोट से सड़क पर गहरा गड्ढा हो गया। जिसे भरकर आवागमन बहाल किया गया है। 12 फरवरी को थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत एफओबी डोडीतुमनार क्षेत्र में सीआरपीएफ 153वीं वाहिनी के जवानों ने डिमाईनिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आइईडी को डिटेक्ट कर मौके पर नष्ट किया गया। थाना कुटरू क्षेत्रांतर्गत कोबरा 210 वाहिनी द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माड़ क्षेत्र में इंद्रावती नदी के किनारे वर्ष 2025 में मारे गए कुख्यात नक्सली कमांडर सीसीएम बसवराजू की स्मृति में नक्सलियों द्वारा निर्मित स्मारक को सुरक्षा बलों द्वारा पूरी रूप से ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत केरिपु 222 वाहिनी की टीम द्वारा तोड़का–कोरचोली एवं पेद्दाकोरमा के घने जंगल क्षेत्र में सर्चिंग एवं एरिया डॉमिनेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा बनाए गए स्मारकों को सीआरपीएफ 222 वाहिनी की टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए ध्वस्त किया गया। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों, प्रतीकों एवं अवैध संरचनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है।

 

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